मर जाएंगे पर पीछे नहीं हटेंगे’, बहाली की मांग पर अड़े 419 अभ्यर्थी, प्रशासन में हड़कंप
डीएनबी भारत डेस्क

बेगूसराय में होमगार्ड अभ्यर्थियों के द्वारा लगातार तीसरे दिन भूख हड़ताल जारी के दौरान कई अभ्यर्थियों का तबीयत अब बिगड़ना शुरू हो गया है।इस दौरान जिला प्रशासन के बीच हड़कंप मचा हुआ है। लगातार जिला प्रशासन धरना स्थल पहुंच कर अभ्यर्थियों को समझने में लगे हुए हैं।
लेकिन अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी मानने को तैयार नहीं है। मर जाएंगे और मिट जाएंगे की बात कह रहे हैं। ऐसे में तबीयत बिगड़ने के बाद बेगूसराय के सदर अस्पताल के की डॉक्टर अशोक कुमार एवं उपाधीक्षक डॉक्टर अखिलेश कुमार सहित मेडिकल के टीम भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों को चेकअप करने के लिए पहुंचे जहां कई अभ्यर्थियों की स्थिति बिगड़ी हुई है। वही अभ्यर्थियों को हालत बिगड़ने के बाद अभ्यर्थियों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना कि जब तक मेरी मांग पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल पर डटे रहेंगे। इस दौरान सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया है कि पिछले तीन दिनों से अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। कुछ अभ्यर्थी की तबीयत बिक्री है मेडिकल टीम को लगाया गया है।
और लगातार मेडिकल टीम चेकअप करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। आपको बताते चले कि बिहार गृह रक्षा वाहिनी होमगार्ड बहाली की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का धरना लगातार जारी रहा। धरना में कुल 419 अभ्यर्थी शामिल हैं। और बहाली प्रक्रिया पूरी नहीं होने से उनमें गहरा रोष देखा जा रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे तीन दिनों से भूख हड़ताल पर शांतिपूर्ण ढंग से बैठे हुए हैं, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने वार्ता की पहल नहीं की है।
महिला अभ्यर्थियों ने भी अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि बहाली नहीं होने के कारण उन्हें परिवार और समाज के ताने सुनने पड़ रहे हैं। कई अभ्यर्थी आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं और कुछ ने वर्दी सिलवाने के लिए कर्ज तक लिया है। नियुक्ति नहीं होने से वे मानसिक और आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
डीएनबी भारत डेस्क