रसिया से कटिहार आई देसी दिल वाली दुल्हन,दुर्गा मंदिर में रचाई शादी,विदेशी बहू ने पहना लहंगा और जीत लिया सबका दिल

DNB Bharat Desk

कटिहार की गलियों में इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा रसिया से आई विदेशी बहू, जिसने भारतीय लहंगा पहनकर पूरे शहर का दिल जीत लिया। डॉक्टर साहब मेडिकल पढ़ने गए थे… मोहब्बत पढ़ के लौटे। कटिहार के डॉक्टर अनुभव शाश्वत की मुलाकात रूस की अनस्तासिया से साल 2020 में हुई। कोरोना का डर सबको दूर कर रहा था, लेकिन इन दोनों को करीब ले आया!ऑनलाइन चैट से शुरू हुआ रिश्ता, अब शादी की मंज़िल तक। पांच साल की लंबी लव स्टोरी के बाद अनुभव ने अनस्तासिया को भारत बुलाया,

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रसिया से कटिहार आई देसी दिल वाली दुल्हन,दुर्गा मंदिर में रचाई शादी,विदेशी बहू ने पहना लहंगा और जीत लिया सबका दिल 2और फिर शुरू हुई देसी ट्रायल क्लास दिल्ली में साड़ी पहनना, नमस्ते करना और खिचड़ी खाना सब सिखाया गया।जब अनस्तासिया कटिहार आई तो मोहल्ले वालों को यकीन नहीं हुआ। माथे पर बिंदी, लहंगे में लाज और हाथों में मेहंदी लिए वो बिल्कुल किसी हिंदी फिल्म की बहू लग रही थी। अनस्तासिया और अनुभव ने दुर्गा मंदिर में पूरे हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। कोई शॉर्टकट नहीं पूरा फेरे, कन्यादान, मांग में सिंदूर सब कुछ। सासू माँ बोलीं बहू तो विदेश से आई है, लेकिन संस्कार में हमसे आगे। बेटे की विदेशी दुल्हन को देख माता-पिता भी भावुक हो उठे।

रसिया से कटिहार आई देसी दिल वाली दुल्हन,दुर्गा मंदिर में रचाई शादी,विदेशी बहू ने पहना लहंगा और जीत लिया सबका दिल 3अनस्तासिया की सादगी, तहजीब और भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव ने सबका दिल जीत लिया। अब मोहल्ले में वायरल है बस एक नाम अनस्तासिया भाभी। बच्चे हों या बूढ़े, हर कोई कह रहा है, ऐसी बहू मिले तो देश-विदेश क्या, मंगल ग्रह से भी लाओ। कटिहार में हुई ये शादी सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं, ये है दो संस्कृतियों की शानदार मिसाल। और हां… जो सोचते हैं कि विदेशी बहू कभी ससुराल में रम नहीं सकती एक बार कटिहार घूम आइए।

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