सिमरिया धाम में भागवत कथा: ‘नारद की वाणी कभी मिथ्या नहीं होती, कार्तिक में गंगा स्नान व कथा श्रवण से धुलते हैं पाप’— चिदात्मन जी महाराज

DNB Bharat Desk

नारद की वाणी कभी मिथ्या नहीं होती।अर्थात जिनकी वाणी कभी रद्द नहीं होती वहीं नारद है।उक्त बातें सिद्धाश्रम सिमरिया धाम के श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान मंच से विस्तार पूर्वक कहते हुए सर्वमंगला आश्रम के अधिष्ठाता महर्षि चिदात्मन जी महाराज ने कहा।

- Sponsored Ads-

  कथा में उन्होंने कहा कि इस समय नारद पुराण के अनुसार इस पुनीत कार्तिक महीना में जो कोई भी पुण्यात्मा संकल्प के साथ-साथ गंगा स्नान और कथा का श्रवण करता है उसके जन्म-जन्मांतर के सभी पाप धुल जाते हैं, नारद के विषय में सभी जानते हैं कहा गया है कि जिसकी वाणी कभी मिथ्या नहीं होती अर्थात जिनकी वाणी कभी रद्द नहीं होती वहीं नारद है और इन्हें ब्रह्मा जी के पुत्र के नाम से भी हम लोग जानते हैं जो अवाध गति से तीनों लोक में परिभ्रमण करते रहते हैं और सदा सत्य बोलने वाले कहे गए हैं और उनकी खूबी रही है वह कब कहां प्रकट हो जाएंगे यह आज तक कोई समझ नहीं पाया है ।

 सिमरिया धाम में भागवत कथा: 'नारद की वाणी कभी मिथ्या नहीं होती, कार्तिक में गंगा स्नान व कथा श्रवण से धुलते हैं पाप'— चिदात्मन जी महाराज 2नारद पुराण में शास्त्र के अनुसार 25 हजार श्लोक हैं अगर जो कोई मनुष्य इस श्लोक को अपने जीवन पर उतरता है जो विधि पूर्वक संकल्प के साथ इस पुनीत कार्तिक महीना में श्रीमद् भागवत कथा पुराण कार्तिक महात्म का श्रवण करता हो उनके सारे मनोरथ की सिद्धि होती है । क्योंकि कहा गया है यहां समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करती है सातों दिन के अंदर ही सभी को इस पृथ्वी पर आना पड़ता है और यहां से पुनः जाना पड़ता है।

मौके पर रविंद्र ब्रह्मचारी ,राम झा, लक्ष्मण झा, श्याम झा, मीडिया प्रभारी नीलमणि, सदानंद झा ,राजेश झा, दिनेश झा, आचार्य नारायण झा, रमेश झा ,बच्ची देवी, रंजना देवी, अरुणा देवी ,सुनीता देवी  एवं कुमकुम देवी सहित सैकड़ों श्रोता भगवान उपस्थित रहे।

- Sponsored Ads-
- Sponsored Ads-
Share This Article