डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय जिले के बखरी प्रखंड की चकहमीद पंचायत में शनिवार को दिवंगत स्वच्छता पर्यवेक्षक स्वर्गीय सरोज पासवान के आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें जिला स्वच्छता पर्यवेक्षक संघ, बेगूसराय के बैनर तले जिले भर के स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने भाग लिया और दिवंगत साथी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान संघ की ओर से आपसी सहयोग से जुटाई गई आर्थिक सहायता राशि जिलाध्यक्ष अजीत कुमार राय के हाथों मृतक की पत्नी रंजन देवी को सौंपी गई। सभा में पहुंचे स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि शिव कुमार साहू ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरोज पासवान बेहद कर्मठ कर्मी और उनके भाई के समान थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे 5 बेटियां और 2 बेटे छोड़ गए हैं, जिनका भरण-पोषण अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। उनका असमय जाना पंचायत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
गंभीर बीमारियों के बीच काम करने को मजबूर, कोई सुविधा नहीं: संघ
श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने सरकार और विभाग की उपेक्षापूर्ण नीतियों पर कड़ा आक्रोश जताया। संघ के जिलाध्यक्ष अजीत कुमार राय ने कहा कि स्वच्छता कर्मी दिन-रात गंदगी के बीच काम करते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। उचित इलाज और सुविधाओं के अभाव में आज एक साथी की जान चली गई। यदि सरकार ने कर्मियों के स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो संघ चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा।
वहीं जिला सचिव रामरक्षि ठाकुर ने कहा कि स्वच्छता पर्यवेक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दिनभर धरातल पर काम करने के बावजूद सरकार की ओर से उन्हें कोई बुनियादी सामाजिक सुरक्षा या स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलता। मीडिया प्रभारी प्रेमचंद झा ने भी विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि दिनभर कई तरह के काम लिए जाते हैं, लेकिन मानदेय और सुविधाओं के नाम पर केवल अनदेखी मिलती है।
श्रद्धांजलि सभा में जिला कोषाध्यक्ष मो. एजाज, अशोक कुमार, निरंजन कुमार, रामचरण कुमार, मुरारी कुमार सहित बड़ी संख्या में जिले के स्वच्छता पर्यवेक्षक और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
बेगूसराय सिमरिया से कृष्ण मुरारी की रिपोर्ट