डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय के तेघरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। खास बात यह है कि इस मेले को इस वर्ष शताब्दी जन्माष्टमी मेला के रूप में मनाया जा रहा है। 5 सितंबर को मेले का विधिवत उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एवं बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्री तथा बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव के हाथों किया जाएगा। गौरतलब है कि मथुरा एवं वृंदावन के बाद तेघड़ा में यह श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेला धूमधाम से मनाया जाता है और इसमें बेगूसराय ही नहीं बरन बिहार एवं नेपाल तक के श्रद्धालु भाग लेते हैं।

तेघड़ा में कुल 17 जगह पर भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न प्रारूप की प्रतिमा बनाई जाती है जहां लोग पूरे धूमधाम एवं श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करते हैं एवं मेले का आनंद उठाते हैं। चार दिन चलने वाला यह मेला विभिन्न कलाकृतियों की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार बिहार सरकार की ओर से 11 लाख की राशि भी प्रदान की गई है। तेघरा के विधायक रजनीश कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में इसे राजकीय मेला घोषित करने का भी प्रयास किया जाएगा जिससे कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कठिनाई न हो।
हालांकि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के रुकने, पेयजल, शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए काफी हद तक प्रयास किए गए हैं । रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि लोगों से यह अपील की गई है कि से नशा मुक्त मेला के रूप में मनाया जाए और लोग पूरे सौहार्दपूर्ण वातावरण में इस मेले का आनंद उथावे यह आशा की जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के खासे इंतजाम किए गए हैं तथा विभिन्न जगहों पर मजिस्ट्रेट के साथ-साथ 400 से अधिक पुलिस बल्कि तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरे से भी मेले पर प्रशासन की पूरी नजर रहेगी जिससे कि असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उन्हें दंडित किया जा सके और आम लोगों को कोई परेशानी ना हो।
कहा जाता है कि जब तेघरा में प्लेग बीमारी की वजह से बहुत अधिक लोगों की मौत हो गई थी तब एक साधु ने जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए तेघरा के लोगों को प्रेरित किया था और कहा जाता है की जन्माष्टमी का पर्व मनाने के बाद प्लेग की आपदा तेघरा से खत्म हो गई थी और उसी दिन से यह प्रथा चली आ रही है और दिनों दिन इसमें बढ़ोतरी भी हुई है।
डीएनबी भारत डेस्क