नालंदा: कॉमनवेल्थ में ब्रॉन्ज जीतकर पैतृक गांव हरनौत पहुंचे पैरा खिलाड़ी झंडू कुमार, रथ पर बैठाकर निकाला गया भव्य जुलूस

DNB Bharat Desk

कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश और बिहार का नाम रोशन करने के बाद नालंदा का लाल और पैरा खिलाड़ी झंडू कुमार पहली बार अपने पैतृक गांव हरनौत पहुंचे। झंडू कुमार के हरनौत पहुंचते ही लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। 

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समाजसेवी श्रीराम प्रसाद कुंदन कुमार समेत स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इसके बाद झंडू कुमार को रथ पर बैठाकर पूरे इलाके में भ्रमण कराया गया। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने उनका स्वागत किया और बधाइयां दीं।झंडू कुमार का कॉमनवेल्थ तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है। कभी सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले झंडू कुमार ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। 

नालंदा: कॉमनवेल्थ में ब्रॉन्ज जीतकर पैतृक गांव हरनौत पहुंचे पैरा खिलाड़ी झंडू कुमार, रथ पर बैठाकर निकाला गया भव्य जुलूस 2उनकी इस सफलता से आज पूरा नालंदा और खासकर हरनौत प्रखंड गौरवान्वित है।झंडू कुमार ने कहा कि हरनौत पहुंचने पर जिस तरह लोगों ने जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया, उससे वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में हरनौत के लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जिसे वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ नीति से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है। 

नालंदा: कॉमनवेल्थ में ब्रॉन्ज जीतकर पैतृक गांव हरनौत पहुंचे पैरा खिलाड़ी झंडू कुमार, रथ पर बैठाकर निकाला गया भव्य जुलूस 3अगर खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के बाद नौकरी और सरकार का सहयोग मिलता है, तो वे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।राज्य सरकार ने खिलाड़ी झंडू कुमार को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत आगे भी जारी रहेगी और आने वाले एशिया गेम के ऊपर ध्यान देने की बात कही। किस्मत बदलने के लिए मेहनत के साथ-साथ सरकार और समाज का सहयोग भी जरूरी है। वहीं, झंडू कुमार ने साफ कहा कि कॉमनवेल्थ में मेडल जीतने के बावजूद उनका सब्जी का कारोबार अभी बंद नहीं होगा।

 नालंदा: कॉमनवेल्थ में ब्रॉन्ज जीतकर पैतृक गांव हरनौत पहुंचे पैरा खिलाड़ी झंडू कुमार, रथ पर बैठाकर निकाला गया भव्य जुलूस 4उन्होंने कहा कि वह और उनका परिवार अभी भी सब्जी बेचने का काम जारी रखेंगे, क्योंकि परिवार की आजीविका इसी कारोबार से चलती है। बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद झंडू कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सम्मानित कर चुके हैं। सब्जी बेचने से लेकर कॉमनवेल्थ गेम तक का झंडू कुमार का सफर आज नालंदा के युवाओं के लिए संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल बन चुका है।

डीएनबी भारत डेस्क

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