डीएनबी भारत डेस्क
मुस्कुराइए क्योंकि आप बिहारशरीफ सम्राट सिटी में हैं!जहां महज 2 घंटे की बारिश में आपको ककोलत जलप्रपात और वाटर पार्क जैसा रोमांच बिल्कुल मुफ्त में मिल जाता है। बारिश थमी तो पानी नहीं… बल्कि नगर निगम के तमाम दावों की परतें बह गईं।

दो घंटे की बरसात ने बिहारशरीफ का वो असली चेहरा सबके सामने ला दिया, जिसे हर साल विकास के दावों और सफाई अभियानों के पीछे छिपाने की कोशिश की जाती है।शहर के रांची रोड, मोगलकुआं, भैंसासूर, अंबेर चौराहा, आनंद पथ, सोहडीह समेत कई इलाके तालाब में तब्दील हो गए। सड़कें गायब थीं और पानी ही पानी नजर आ रहा था।
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लात ऐसे बने कि स्कूल से लौटती छात्राओं को घुटनों से लेकर कमर तक पानी चीरकर घर पहुंचना पड़ा।हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे होते हैं, लेकिन सिर्फ दो घंटे की बारिश ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी।वही यातायात थाना के सामने सीवरेज के लिए खोदी गई सड़क की भरावट के बाद बारिश के कारण पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई।
बरसात के कारण सड़क के बीचोबीच बनी बड़े से गड्ढे ने लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दिया है।क्योंकि बिहार शरीफ के कई इलाके में सीवरेज के कारण शहर में सदके खोदी गई है।
डीएनबी भारत डेस्क