वीरपुर के किसानों पर दोहरी मार: खेत में नीलगाय का आतंक, तो बथान पशु में ‘भंझा’ रोग का कहर

DNB Bharat Desk

बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड क्षेत्र व थाना क्षेत्र के किसानों में दहस्त का माहौल बना हुआ है। हमेशा लोगों में भर बना रहता है। जिससे किसानों को ना तो दिन में चैन मिलता है और ना ही रातो में नींद नहीं आती है। किसानों के दर्द से ना तो पदाधिकारियों को फिक्र है।ना ही जनप्रतिनिधियों को चिंता। आखिर कौन सुनेगा किसानों के दर्द को।

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किसान जाएं तो जाएं कहां। खेतों में जंगली जानवर का कहर तो बथान में पालतू जानवर गाय, भैंस आदि जानवरों में भंझा रोग से किसानों में अपने पालतू जानवरों को मर जाने का दहस्त। नौला, डीह, भवानंदपुर, वीरपुर पूर्वी, वीरपुर पश्चिम, गेंन्हरपुर, जगदर, और पर्रा पंचायत समेत मैदा भवन्नगामा,सहुरी, रत्नमन भवन्नगामा के किसानों ने बताया कि बहियार में जंगली जानवर निल गाय के आतंक से लहरी, सरसों,आलू,मक्का, गेंहू, धनिया, गोभी, टमाटर आदि फसल बर्बाद हो रहें हैं।

वीरपुर के किसानों पर दोहरी मार: खेत में नीलगाय का आतंक, तो बथान पशु में 'भंझा' रोग का कहर 2वहीं उक्त पंचायत के किसानों ने यह भी बताया कि बथान पर बंधे दुधारू गाय,भैंस, के अलावे गर्भवती जानवर भंझा रोग से ग्रस्ति होकर मर जा रहे हैं। अगर बच जा रही है तो वो किसी काम की नहीं रह जाती है। सरकारी चिकित्सालयों में दवा नहीं, चिकित्सकों से भेंट नहीं। और झोला छाप डॉक्टरों की मनमानी फिस की मार झेलने को हम लोग विवस हैं।हम लोगों के द्वारा उत्पादित दुध का ना तो उचित दाम मिल रहा है ना ही माप। आखिर कहां जाएं किसको सुनाएं जो हम किसानों की समस्याओं का हल हो सकें।

यह एक संक्रांति रोग है। इसमें जानवरों के मुंह,नाक से लसिला और झाग के साथ पानी आता है। मुंह में फोरा,खुर में फोरा और घाव,तेज बुखार,। जिससे जानवर को मुंह खोलने में परेशानी तथा चलने फिरने में लंगराना लगता है, समय से इलाज नहीं होने पर पशु की मौत हो जाती है।

रोगग्रस्त जानवरों को देखने के क्रम में जानवर व किसानों के हाथों का सम्पर्क व फिर वही हाथ दुसरे जानवर के सम्पर्क से फ़ैल रहा है, संक्रमण पशु के काटे मच्छर,मख्खी दुसरे पशु के काटने से फैलता है।

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