बेगूसराय: टॉप-10 अपराधी सोनू-मोनू की गिरफ्तारी विवाद की जांच तेज, अब फायरिंग का वीडियो वायरल

DNB Bharat Desk

बेगूसराय के टॉप-10 अपराधी सोनू और मोनू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे विवाद की जांच अब तेज हो गई है। रविवार को मुंगेर रेंज के डीआईजी और सीआईडी की टीम बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव पहुंची और ग्रामीणों व परिजनों से पूरे मामले की पूछताछ की। इस बीच सोनू और मोनू का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों कथित तौर पर आधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग करते नजर आ रहे हैं।

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वहीं एसपी मनीष ने स्पष्ट किया है कि बरामद हथियार अपराधियों का ही था, हालांकि उसे कमर में रखकर वीडियो बनाने की पुलिस की प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी।बेगूसराय में टॉप-10 अपराधी सोनू और मोनू की गिरफ्तारी के दौरान वायरल हुए वीडियो को लेकर मचे विवाद के बाद रविवार को मुंगेर रेंज के डीआईजी और सीआईडी की टीम बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव पहुंची।अधिकारियों ने कई घंटे तक गांव में रहकर दोनों अपराधियों के परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।इधर, सोशल मीडिया पर सोनू और मोनू का एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों कथित तौर पर आधुनिक हथियारों से खुलेआम ताबड़तोड़ फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

बेगूसराय: टॉप-10 अपराधी सोनू-मोनू की गिरफ्तारी विवाद की जांच तेज, अब फायरिंग का वीडियो वायरल 2मामले पर बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल गिरफ्तारी वीडियो की उच्चस्तरीय जांच डीआईजी मुंगेर के नेतृत्व में कराई गई है। जांच के दौरान अधिकारियों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ की।एसपी मनीषा ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह दावा कि पुलिस ने हथियार खुद अपराधियों की कमर में रखा, पूरी तरह सही नहीं है। उनके अनुसार, जो पिस्टल बरामद हुई थी वह सोनू और मोनू की ही थी और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसे जब्त किया था। हालांकि, बरामदगी के साक्ष्य के रूप में वीडियो और तस्वीर लेने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा हथियार को कमर में रखने की प्रक्रिया अपनाई गई, जो उचित नहीं थी। इस पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने यह भी बताया कि सोनू और मोनू दोनों कुख्यात अपराधी हैं और उनके खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बेगूसराय: टॉप-10 अपराधी सोनू-मोनू की गिरफ्तारी विवाद की जांच तेज, अब फायरिंग का वीडियो वायरल 3पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी और गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने भी यह स्वीकार किया कि बरामद हथियार दोनों अपराधियों का ही था।गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से गिरफ्तारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। इसी को लेकर डीआईजी और सीआईडी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वहीं अब फायरिंग के वायरल वीडियो की भी पुलिस जांच कर रही है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो दोनों अपराधियों के खिलाफ नए मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है।

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