डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर जिले के वारिसनगर प्रखंड क्षेत्र में मधुबाला सेवा सदन के नाम से कथित रूप से एक अवैध चाइल्ड केयर अस्पताल संचालित होने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि वारिसनगर पीएचसी से कुछ आशा कार्यकर्ताओं द्वारा मरीजों और उनके परिजनों को बरगलाकर इस अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।

परिजनों का कहना है कि भर्ती के बाद मरीजों को कई दिनों तक अनावश्यक रूप से रोके रखा जाता है, दूसरी जगह इलाज के लिए ले जाने में भी बाधा डाली जाती है और मनमानी राशि वसूली जाती है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि पिछले महीने इसी अस्पताल में इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हुई थी। इसके बावजूद अब तक संबंधित अस्पताल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिले में अवैध अस्पतालों के कारण आए दिन मासूम बच्चों और अन्य मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं।
लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा जिले में संचालित सभी अवैध अस्पतालों की जांच कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट