डायन बताकर महिला को खंभे से बांधा, बेरहमी से की मारपीट; वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

DNB Bharat Desk

समस्तीपुर। उजियारपुर थाना क्षेत्र के चंदौली वार्ड संख्या-12 से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। एक महिला को कथित रूप से डायन बताकर न केवल सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, बल्कि उसे खंभे से बांधकर मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर पीड़िता ने उजियारपुर थाना में लिखित आवेदन देकर छह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 7 जून 2026 की सुबह गांव के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और उन पर डायन होने तथा बच्चों पर बुरी नजर डालने का आरोप लगाने लगे। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें घर के खंभे से रस्सी से बांध दिया गया और बेरहमी से मारपीट की गई। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई।

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सामने आए। सामने आई तस्वीरों में महिला के हाथों पर बंधन के निशान दिखाई दे रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि महिला को खंभे से बांधकर प्रताड़ित किया गया था। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह महिला को आरोपितों के चंगुल से मुक्त कराया जा सका।घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले की शिकायत पुलिस को दिए जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि डायन प्रथा जैसी अमानवीय कुप्रथा के विरुद्ध सख्त कानून होने के बावजूद पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।

डायन बताकर महिला को खंभे से बांधा, बेरहमी से की मारपीट; वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल 2वहीं मामले में आधिकारिक पक्ष जानने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विवेक कुमार शर्मा के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। इस दौरान सीआई पिंकी प्रसाद ने फोन रिसीव किया और बताया कि एसडीपीओ अवकाश पर हैं। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है तथा आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।जब उनसे यह पूछा गया कि स्थानीय स्तर पर आरोपितों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिए जाने की चर्चा हो रही है, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। हालांकि घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरों के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली और कार्रवाई की गति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को उजागर करती है। समाज और प्रशासन दोनों के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है कि आज भी महिलाओं को इस प्रकार की अमानवीय प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।

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