डीएनबी भारत डेस्क
गंगा दशहरा पर मलमास (पुरुषोत्तम मास ) का असर साफ देखने को मिल रहा है, पिछले वर्ष जहाँ लाखों श्रद्धालुओं ने मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र सिमरिया धाम में गंगा में आस्था की डुबकी लगाई थी वहीँ इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ना के बराबर रही,
- Sponsored Ads-

जहाँ पैर रखने का जगह नहीं होता था वहीं कुछ ही लोग सामान्य दिनों की तरह स्नान करते दिखे, मलमास होने के कारण इस बार श्रद्धालु का गंगा स्नान से अधिक महत्व राजगीर के कुंड स्नान को दे रहे है।
डीएनबी भारत डेस्क