मजदूर दिवस पर छलका दर्द, एजेंट के झांसे में फंसा युवक दुबई की जेल में कैद, राजद के पूर्व विधायक ने दिया मदद का भरोसा
डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर गांव निवासी 28 वर्षीय मोहम्मद उजाले का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। आज मजदूर दिवस के दिन दुबई के फुजैरा जेल में बंद उजाले की पत्नी रोजी प्रवीण राजद के पूर्व विधायक के घर अपने मजदूर पति के रिहाई करवाने की मांग को लेकर पहुँची। विधायक को देखकर जेल में बंद युवक उजाले की माँ रिजवाना खातून पैर पड़कर रोने लगी और अपनी बेटे की रिहाई की मांग करने लगी।

राजद के पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने रोजी परवीन एवं रिजवाना खातून से मजदूर उजाले के बारे में सभी जानकारी प्राप्त किया।जानकारी प्राप्त करने के बाद उजाले को जेल से निकलवाने का भरोसा दिया उन्होंने बताया है की मोहम्मद उजाले गरीब परिवार से आता है एजेंट उसे झांसे में ले जाकर विदेश में मजदूरी के नाम पर उसे बेच दिया और काम नहीं करने पर उसे ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप लगाकर दुबई के फुजिरा जेल में बंद करवा दिया। उन्होंने रोजी परवीन एवं रिजवाना खातून को उजाले को जेल से निकलवाने को लेकर भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने कहा है कि ऐसे एजेंट पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो भोले भाले मजदूर को अच्छी नौकरी का झांसा देकर विदेश में ले जाकर बेच देते हैं।

मजदूर मोहम्मद उजाले की पत्नी रोजी परवीन के अनुसार उजाले पिछले आठ महीनों से दुबई की फुजैरा जेल में बंद है। वह नवंबर 2024 में कुछ लोगों के झांसे में आकर दुबई गया था।मुजफ्फरपुर के एक एजेंट के माध्यम से उसे दिल्ली ले जाया गया और 9 नवंबर 2024 को दुबई भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद न तो उसे कोई पक्की नौकरी मिली और न ही किए गए वादे पूरे हुए। आरोप है कि उससे जबरन मजदूरी कराई गई और करीब पांच-छह महीने बाद 14 अगस्त 2025 को अबू धाबी पुलिस ने उसे ड्रग सप्लाई के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। करीब दो महीने तक पुलिस हिरासत में रखने के बाद 8 अक्टूबर 2025 को उसे फुजैरा जेल भेज दिया गया, जहां वह आज भी बंद है। परिवार का दावा है कि उजाले पूरी तरह निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया गया है।
वह मोबाइल के जरिए लगातार अपने परिवार से संपर्क कर रहा है और रिहाई की गुहार लगा रहा है। इस बीच, उजाले की पत्नी रोजी प्रवीण और मां रिजवाना ने समस्तीपुर के पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन से मुलाकात कर मदद की अपील की। मुलाकात के दौरान परिजन भावुक हो गए और अपने बेटे की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास की मांग की। पूर्व विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार को आश्वासन दिया कि सभी जरूरी कागजात इकट्ठा किए जाएं, ताकि इस मामले को भारत सरकार और संबंधित एंबेसी तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ी तो देश-विदेश के संबंधित मंत्रालयों और दूतावास से संपर्क कर उजाले की रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। वहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति भी लगातार बिगड़ती जा रही है। घर चलाने का कोई स्थायी साधन नहीं है और बड़ा भाई मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। ऐसे में पूरा परिवार अपने बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है और सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट