बेगूसराय में बुलडोजर का खौफ: 50 साल से रह रहे 200 महादलित परिवारों को उजाड़ने का नोटिस, कलेक्ट्रेट पहुंचे पीड़ित

DNB Bharat Desk

बेगूसराय में सरकार की अतिक्रमण हटाओ नीति की जद में अब वे महादलित परिवार आ गए हैं, जो पिछले करीब पचास वर्षों से सरकारी जमीन पर घर बनाकर गुजर-बसर कर रहे थे। अचानक जमीन खाली करने की नोटिस मिलते ही सैकड़ों महादलित परिवारों के बीच हड़कंप मच गया है।

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मामला चकिया थाना क्षेत्र के सिमरिया घाट स्थित बरियाही गांव से जुड़ा है, जहां करीब 200 से अधिक महादलित परिवार दशकों से रह रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे, उनके दादा और परदादा पिछले पचास साल से भी अधिक समय से इसी जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं। गांव के कुछ लोगों को सरकार की ओर से पर्चा जरूर दिया गया है, लेकिन अधिकांश परिवारों को आज तक कोई पर्चा नहीं मिला।अब जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है और लोगों को जमीन खाली करने की नोटिस थमा दी गई है।

बेगूसराय में बुलडोजर का खौफ: 50 साल से रह रहे 200 महादलित परिवारों को उजाड़ने का नोटिस, कलेक्ट्रेट पहुंचे पीड़ित 2नोटिस मिलने के बाद महादलित परिवार न्याय की गुहार लेकर जिला समाहरणालय पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा।पीड़ितों का आरोप है कि पर्चा मिलने के बावजूद भी अंचल स्तर पर मिलीभगत के कारण उन्हें उजाड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ महादलितों को बसाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वर्षों से बसे परिवारों को बेघर किया जा रहा है। इनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक जमीन नहीं है।आपको बता दें कि हाल ही में बेगूसराय जिला प्रशासन ने सिमरिया क्षेत्र के बरियाही गांव और आसपास के इलाकों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर अभियान चलाया है।

बेगूसराय में बुलडोजर का खौफ: 50 साल से रह रहे 200 महादलित परिवारों को उजाड़ने का नोटिस, कलेक्ट्रेट पहुंचे पीड़ित 3सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि अवैध अतिक्रमण के कारण जाम और अन्य समस्याएं पैदा हो रही थीं, इसी को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।फिलहाल महादलित परिवारों की मांग है कि उन्हें हटाने से पहले स्थायी पुनर्वास और जमीन का वैकल्पिक इंतजाम किया जाए, ताकि वे बेघर न हों।

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