“साहब! सब कुछ खत्म हो गया”: हसनपुर के बेघर परिवारों ने समस्तीपुर, समाहरणालय में लगाई गुहार, डीएम ने दिया न्याय का भरोसा
डीएनबी भारत डेस्क

समस्तीपुर: समाहरणालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व पुरुषों ने अपनी समस्या को लेकर डीएम से फरियाद करने पहुंचे। पहले तो समाहरणालय गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की, बाबजूद बड़ी संख्या में हसनपुर प्रखंड से पहुंचे लोग समाहरणालय परिसर में घुसकर बैठ गए।
इसी बीच समाहरणालय पहुंचे डीएम ने उसके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनकर उन्हें समुचित न्याय का भरोसा दिया। बताते चलें की 4 दिसंबर को हसनपुर थाना के मंगलगढ़ कोठी के 13 एकड़ भूमि पर वर्ष 1993 में अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा था।
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स संबंध में कोठी के प्रबंधक विपीन कुमार सिंह ने अतिक्रमण खाली कराने को लेकर न्यायालय में वाद दायर किया था, जिस पर मुकदमा चला। इस पर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण खाली कराया गया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस को अतिक्रमणकारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था और अतिक्रमणकारियों ने टीम पर हमला कर दिया।
इस दौरान रोड़ेबाजी और आगजनी भी हुई थी। इस घटना में करीब एक दर्जन लोग चोटिल हो गये थे। प्रशासन की ओर से जेसीबी की मदद से करीब 280 झुग्गी झोपड़ियां, खपरापोश और एस्बेस्टस के घरों को हटाया गया इस दौरान पत्थरबाजी आगजनी की घटनाएं भी हुई। इसमें एक महिला हीरा देवी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। प्रशासन ने दमकल मंगवा कर आग पर काबू पाया। इसके बाद अतिक्रमण हटाया गया था।
अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन के रवैये से नाराज सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष समाहरणालय पहुंचे। पीड़ित लोगों का कहना था कि उस जमीन पर सैकड़ों परिवार पिछले कई दशक से रह रहे थे। पीड़ित लोगों का कहना है कि इस कारवाई में उनका सब कुछ खत्म हो गया है। जिस कारण इस ठंड में पन्नी टांग कर रहने को मजबूर है। लेकिन प्रशासन की तरफ़ से उन्हें किसी भी तरह की मदद नहीं मिल पा रही है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट