डीएनबी भारत डेस्क
वीरपुर थाना क्षेत्र के जिंदपुर निवासी मो. कयूम के 26 वर्षीय पुत्र और युवा व्यवसायी मो. मुकर्रम ने दर्जनों ग्रामीणों के साथ सोमवार को बेगूसराय पहुंचकर जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष कुमार को एक आवेदन सौंपा। आवेदन के माध्यम से उन्होंने अपने पड़ोसी मो. उमर के पुत्रों—सरकारी शिक्षक मो. आबिद, मो. साबिर और मो. कादिर—पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पीड़ित युवा व्यवसायी ने आवेदन में बताया कि बीते 23 जुलाई को उक्त तीनों भाइयों ने उनके घर में घुसकर अश्लील गाली-गलौज की और पिस्तौल का भय दिखाकर उन्हें जबरन पास की सड़क पर ले जाकर मारपीट की। इस दौरान मो. आबिद ने कहा कि “इसके साथ मारपीट करो, थाना-पुलिस हम देख लेंगे।”
मो. मुकर्रम का आरोप है कि विपक्षी ने खुद को शारीरिक चोटें पहुंचाईं और साजिश के तहत उनके खिलाफ स्थानीय थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। पीड़ित ने यह भी बताया कि आरोपी शिक्षक मो. आबिद का आपराधिक इतिहास रहा है और पूर्व में भी उस पर कई प्राथमिकी दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपी शिक्षक ने वीरपुर थानाध्यक्ष के खिलाफ भी वरीय अधिकारियों से झूठी शिकायत की है। इससे पहले वह नावकोठी प्रखंड के एक स्कूल में कार्यरत था, जहां कथित तौर पर राजनीतिक माहौल पैदा करने के बाद उसे वहां से हटाकर वीरपुर के उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय, मुजफ्फरा भेजा गया था।
आवेदन मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट