डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर| बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राजकीयकृत उच्च विद्यालयों एवं परियोजना बालिका उच्च विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति के पुनर्गठन में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सिवान जिले को छोड़कर राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में विद्यालय प्रबंध समिति के पुनर्गठन का निर्देश दिया गया था। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में समिति का गठन सुनिश्चित करने, उसकी नियमित बैठक कराने तथा जिले में कुल कितने विद्यालयों में समिति का पुनर्गठन हुआ है और कितनों में अब तक नहीं हो सका है, इसका कारण सहित प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर मांगा गया था।हालांकि, विभाग ने पाया कि अधिकांश जिलों से अब तक वांछित प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है।
इसी को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने 21 अप्रैल 2026 को स्मार पत्र जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए पुनः एक सप्ताह का अंतिम मौका दिया है।पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। शिक्षा विभाग की इस सख्ती के बाद जिलों में हड़कंप मच गया है और अब तेजी से विद्यालय प्रबंध समितियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि विद्यालय प्रबंध समिति का गठन स्कूलों के सुचारू संचालन, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इसके पुनर्गठन में देरी को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए अब जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट