वीकेंड विजन – ग्रीष्मकालीन सत्र (द्वितीय चरण) का शुभारंभ
डीएनबी भारत डेस्क

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, बीहट में संचालित अभिनव शैक्षिक पहल “वीकेंड विजन” के द्वितीय ग्रीष्मकालीन सत्र की प्रथम कड़ी का शुभारंभ हुआ। बेगूसराय के प्रख्यात लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं शिक्षाविद् डॉ एम एन राय ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए जीवन, आत्मबोध तथा अध्ययन की वैज्ञानिक पद्धतियों पर अत्यंत प्रभावी विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मॉर्निंग असेंबली की खुली सभा में डॉ राय ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए “आप कौन हैं” जैसे प्रारंभिक स्तर के मौलिक प्रश्न के माध्यम से आत्मचिंतन की प्रेरणा दी। उन्होंने अपनी पुस्तक “शमभाकादि और छात्रों का स्वप्रबंधन” के संदर्भ में बताया कि मनुष्य केवल शरीर नहीं, बल्कि मन, बुद्धि, स्मृति और विवेक का समन्वित रूप है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मनियंत्रण और मानसिक विकास के माध्यम से अपनी क्षमताओं को पहचानने का संदेश दिया।
द्वितीय सत्र में बाल संसद, इको क्लब, ग्रीन क्लब, हाउस लीडर्स तथा कक्षा मॉनिटर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस सत्र में डॉ राय ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और वैचारिक चेतना के विकास पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने “पढ़ने की तर्क संगत विधि” के अंतर्गत एस क्यू 3 आर पद्धति (सर्वे, क्वेश्चन, रीड, रिसाइट और रिव्यू ) को सरल ढंग से समझाते हुए कहा कि पढ़ाई का वास्तविक अर्थ समझना और पुनःस्मरण करना है, न कि केवल रटना। उन्होंने एकाग्रता, समय-प्रबंधन, समूह-अध्ययन, तथा नोट्स और माइंड मैप जैसे व्यावहारिक उपायों की उपयोगिता पर विशेष बल दिया।
तृतीय सत्र में शिक्षकों एवं श्याम स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रशिक्षुओं के साथ विशेष संवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. राय ने शिक्षकों की भूमिका को “सिर्फ पाठ पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का मार्गदर्शक” बताते हुए कहा कि यदि कक्षा में अध्ययन को जिज्ञासा-आधारित बनाया जाए, तो विद्यार्थी स्वतः सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षण में एस क्यू 3 आर जैसी वैज्ञानिक विधियों का समावेश, निरंतर पुनरावृत्ति और फीडबैक आधारित मूल्यांकन से सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक स्वयं सीखने की प्रक्रिया में संलग्न रहें, तभी वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा और अनुशासन का संचार प्रभावी ढंग से कर सकते हैं। प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कक्षा-प्रबंधन, संप्रेषण कौशल और विद्यार्थियों के साथ संवेदनशील संवाद को एक सफल शिक्षक की आधारशिला बताया। इस अवसर पर नेतृत्वकर्ता विद्यार्थियों द्वारा हाउस मास्टर अनुपमा सिंह के नेतृत्व में डॉ राय का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने परिचयात्मक उद्बोधन में डॉ एम एन राय के व्यक्तित्व और उनके चिकित्सीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सर्जरी से अवकाश लेने के पश्चात बेगूसराय में आम लोगों की शल्य चिकित्सा के लिए न्यूनतम शुल्क पर सबके लिए सहज उपलब्ध रहने वाले एक शानदार चिकित्सक की हुई रिक्तता अभी तक भरी न जा सकी है ।
वहीं कार्यक्रम के सफल संचालन में शिक्षक गौरव रौशन, प्रीति कुमारी तथा श्याम स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रशिक्षुओं का महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहा। वीकेंड विजन की यह कड़ी विद्यार्थियों के लिए आत्मबोध, वैज्ञानिक अध्ययन पद्धति और जीवन कौशल का समेकित अनुभव देनेवाला रहा।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट