प्रदर्शनी बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के साथ साथ उन्हें रोजगारपरक एवं नवाचार आधारित शिक्षा की ओर भी प्रेरित कर रही है।
डीएनबी भारत डेस्क

प्रदर्शनी बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के साथ साथ उन्हें रोजगारपरक एवं नवाचार आधारित शिक्षा की ओर भी प्रेरित कर रही है। विज्ञान को वर्ग कक्षों से निकालकर अनुभव की दुनिया में ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस शुक्रवार को मध्य विद्यालय बीहट पहुँची।
इस अवसर पर कक्षा 6 से 8 तक के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने चार घंटे तक विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों, उपकरणों एवं प्रयोगों का उत्साहपूर्वक अवलोकन किया। यह अभिनव पहल राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर अभियंत्रण महाविद्यालय, बेगूसराय द्वारा बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान में संचालित की जा रही है।
परियोजना निदेशक डॉ अनंत कुमार के मार्गदर्शन में यह विज्ञान बस 17 अप्रैल से 21अप्रैल तक जिले के विभिन्न माध्यमिक, उच्च एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों में भ्रमण कर रही है।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अभिषेक शर्मा ने जानकारी दी कि इस बस सेवा का शुभारंभ बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 20 सितंबर को पटना तारामंडल परिसर से किया गया था।
तब से यह सेवा राज्य के विभिन्न जिलों में छात्रों को विज्ञान के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने का कार्य कर रही है। विद्यालय प्रधान रंजन कुमार एवं कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से प्रदर्शनी बस का उद्घाटन करते हुए कहा कि “यह पहल विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को देखने, समझने और अनुभव करने का एक अनूठा अवसर है। इससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है और वे जटिल अवधारणाओं को सहजता से समझ पा रहे हैं।
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प्रदर्शनी के दौरान छात्रों ने वैज्ञानिक उपकरणों एवं मॉडलों के माध्यम से गणित भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान के विविध सिद्धांतों को प्रयोगात्मक रूप में देखा और समझा। बच्चों ने गणितीय क्रियाओं, प्रकाश परावर्तन, चुंबकीय ऊर्जा, ऑप्टिक इल्यूजन, दोलन, ज्यामितीय आकृतियां, ज्ञानेंद्रियों की समझ, विद्युत परिपथ जैसे कई वैज्ञानिक अनुप्रयोगों पर आधारित प्रदर्श को देख बच्चे चमत्कृत हो गए ।
बच्चों में विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह की कोशिशें, शिक्षा को अधिक जीवंत और प्रभावी बनाती हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन में वरिष्ठ स्नातक शिक्षक अनुपमा सिंह, शिक्षक गौरव रौशन एवं प्रीति कुमारी, समन्वयक डॉ. रजनीश कुमार, टीम लीडर विश्वंकर कुमार, टेक्नीशियन जगन्नाथ कुमार एवं चालक धर्मेंद्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम संयोजक रोहित कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि एवं जिज्ञासा उत्पन्न करना है, ताकि वे प्रयोग आधारित अधिगम के माध्यम से भविष्य में नवाचार एवं समाजोपयोगी कार्यों की दिशा में अग्रसर हो सकें। सचमुच यह प्रदर्शनी, छात्रों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के साथ साथ उन्हें रोजगारपरक एवं नवाचार आधारित शिक्षा की ओर भी प्रेरित कर रही है।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट