डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर जिला के मोहीउद्दीननगर थाना पुलिस ने एक ऐसी वारदात का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है। कुछ दिन पहले विद्यापतिनगर के रहने वाले शुभम कुमार ने पुलिस को बताया था कि गांव के ही लोगों ने उसे गोली मारकर 2 लाख रुपये लूट लिए हैं।

लेकिन जब पुलिस की स्पेशल ‘एसआईटी’ टीम ने इस केस की गहराई से जांच की, तो एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया! असल में कोई लूट हुई ही नहीं थी! पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शुभम और उसका दोस्त राजेश कुमार सिंह दोनों मिलकर ड्रग्स का अवैध कारोबार करते हैं। 12 अप्रैल को शुभम अपने पास ड्रग्स और अवैध हथियार लेकर जा रहा था। तभी बलुआही पंचायत भवन के पास उसकी कमर में रखा तमंचा गलती से चल गया और गोली उसके दाहिने पैर में लग गई।
अपने गुनाह को छिपाने के लिए शुभम ने अपने दोस्त राजेश को बुलाया। दोनों ने मिलकर हथियार छिपा दिया, एक पीपल के पेड़ के पास ड्रग्स फेंक दिया और लूट की एक झूठी और मनगढ़ंत कहानी रच डाली। लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से ये शातिर बच नहीं पाए। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ कर दोस्त राजेश को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर 19 ग्राम हेरोइन भी बरामद कर ली है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट