डीएनबी भारत डेस्क
तेघड़ा अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में सभी गैस एजेंसी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में घरेलू एवं व्यावसायिक गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं को सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर समीक्षा की गई।

बैठक में उपस्थित सभी गैस एजेंसियों ने आश्वस्त किया कि क्षेत्र में गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है। पिछले माह के वितरण एवं ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 2,26,065 उपभोक्ताओं के विरुद्ध लगभग 1,71,920 उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जो करीब 76 प्रतिशत प्रगति को दर्शाता है । एजेंसियों ने यह भी बताया कि उज्ज्वला योजना सहित सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
बैठक में मध्यान भोजन योजना को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की गई। एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में सरकारी विद्यालयों में मध्यान भोजन बाधित नहीं होना चाहिए। इसके लिए कमर्शियल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। एजेंसियों, विशेषकर दत्ता इंडियन गैस एजेंसी, ने भरोसा दिलाया कि विद्यालयों के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध है और समय पर आपूर्ति की जा रही है।
इस दौरान एसडीएम ने गैस की कालाबाजारी और अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी एजेंसी द्वारा यदि कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायत मिली, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में लाइसेंस निलंबन, प्राथमिकी दर्ज करने सहित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
एसडीएम ने सभी एजेंसियों को निर्देशित किया कि पारदर्शिता के साथ गैस वितरण करें, सभी पात्र उपभोक्ताओं का शीघ्र ई-केवाईसी पूर्ण कराएं तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक के अंत में यह निष्कर्ष सामने आया कि तेघड़ा अनुमंडल क्षेत्र में गैस की उपलब्धता संतोषजनक है, परंतु वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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