समस्तीपुर: हार्डवेयर कारोबारी के ठिकानों पर वाणिज्य कर विभाग का छापा, करोड़ों के टर्नओवर में खेल का खुलासा

DNB Bharat Desk

बड़ी ख़बर समस्तीपुर से आ रही है जहां सुबह सुबह सेल टैक्स चोरी के मामले में वाणिज़्कर विभाग के अधिकारियों ने शहर के मगरदही रोड स्थित एक हार्डवेयर कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी की। विभाग को सूचना मिली थी कि कारोबार की तुलना में उनके यहां से टैक्स नहीं आ रहा है। जिसके बाद एक टीम का गठन कर उनके यहां जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि कर की चोरी की जा रही है। इस दौरान विभाग की टीम ने मौके से कई अहम दस्तावेज जब्त किया।

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जिसके माध्यम से करीब उनके यहां डेढ़ करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया निकल रहा है। सेल टैक्स विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि शहर के साहू हार्डवेयर नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के कारोबारी की ओर से निबंध संस्थान के अलावा भी कारोबार किया जा रहा था।सूचना के बाद विभागीय अधिकारियों की ओर से उनके प्रतिष्ठान पर जांच की गई। जांच के बाद कई तरह के डॉक्यूमेंट भी जब्त किए गए। जिसके माध्यम से यह जानकारी मिली कि उनकी ओर से कारोबार से ज्यादा का कारोबार किया जा रहा था । उस हिसाब से उनके यहां करीब डेढ़ करोड़ से अधिक कर का बकाया है, जिसको लेकर उन पर मामला चलाया जाएगा।

समस्तीपुर: हार्डवेयर कारोबारी के ठिकानों पर वाणिज्य कर विभाग का छापा, करोड़ों के टर्नओवर में खेल का खुलासा 23 करोड़ से अधिक का टर्नओवर है।सेल टैक्स कमिश्नर ने बतया कि सरकार की कर चोरी करने वाले शहर के और भी कई कारोबारी पर विभाग की नजर है। जिन पर जल्द ही कार्रवाई की गाज गिरेगी।जिसकी लिस्ट भी विभाग की ओर से बनाई गई है। सेल टैक्स विभाग की हुई अचानक इस कार्रवाई से कर चोरी करने वाले कारोबारियो के बीच हड़कंप मच गया। कई कारोबारी तो अपने दुकानों का शटर गिराकर दुकान बंद कर फरार हो गए। जांच के दौरान पाया कि व्यवसायी ने जीएसटी पोर्टल पर केवल मुख्य व्यवसाय स्थल का ही विवरण दिया था, जबकि कई अन्य स्थानों पर बिना जानकारी दिए कारोबार संचालित किया जा रहा था।

समस्तीपुर: हार्डवेयर कारोबारी के ठिकानों पर वाणिज्य कर विभाग का छापा, करोड़ों के टर्नओवर में खेल का खुलासा 3इन अघोषित ठिकानों पर टीम को भारी मात्रा में स्टॉक मिला, जिसका कोई भी रिकॉर्ड या एंट्री ‘पर्चेज रजिस्टर’ और स्टॉक बुक प्रस्तुत नहीं किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, करदाता द्वारा पिछले कई वर्षों से एसजीएसटी के मद में नकद भुगतान नहीं किया जा रहा था। विभाग द्वारा पूर्व में भी कई बार टैक्स जमा करने के लिए चेतावनी और निर्देश दिए गए थे, लेकिन करदाता द्वारा इसमें लगातार लापरवाही बरती जा रही थी।

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