आमसभा नहीं बुलाने से नाराज़ शिक्षक, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
डीएनबी भारत डेस्क
पीएमएस कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सोमवार को शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का आक्रोश सड़कों पर दिखा। अस्पताल चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने कॉलेज के सचिव डॉ. रघुनाथ प्रसाद कच्छवे का पुतला दहन किया तथा अनुदान वितरण में भारी गड़बड़ी और पक्षपात का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि करीब ढाई करोड़ रुपये के सरकारी अनुदान और सुरक्षा कोष की राशि का वितरण पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया। आरोप है कि अधिकांश शिक्षकों को कम राशि दी गई, जबकि कुछ लोगों को नियमों के विरुद्ध अधिक भुगतान किया गया। शिक्षकों ने यह भी कहा कि बार-बार मांग के बावजूद आमसभा नहीं बुलाई जा रही, जिससे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
आंदोलनरत शिक्षकों ने कुलपति और कुलाधिपति सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ और सभी कर्मचारियों के साथ न्यायपूर्ण अनुदान वितरण सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
डीएनबी भारत डेस्क