मजदूरों के लिए सेफ़्टी का कोई प्रबंध नहीं किया जाता है।
डीएनबी भारत डेस्क

श्रम अधिनियम का खुलेआम धज्जियां उड़ाया जा रहा है बरौनी बियाडा स्थित प्रिन्स पाईप कारखाना में। यहां मज़दूरों के लिए सैफ्टी की कोई प्रबंध नहीं किया जाता है। संवेदकों के माध्यम से कार्यरत मजदूरों का शोषण किया जा रहा। मजदूरों को 8 घंटे के जगह 12 घंटे काम लेना बन्द करे।
अगर 4 घंटे अतिरिक्त कार्य लेती है तो उसके बदले ओटी मिलनी चाहिए। सहित अन्य अपनी कई जवलंत मांगों को लेकर रविवार को फर्स्ट शिफ्ट की ड्यूटी जाने से पहले प्रिन्स पाईप कारखाना के गेट नम्बर -1 पर जमकर धरना प्रदर्शन करते हुए एकजूट होकर मजदूरों ने कहा। मज़दूरों ने बताया कि हमें आठ घंटे के ड्यूटी के बदले 16 हजार रुपया, सेफ्टी की पूर्ण व्यवस्था, लंच के लिए एक घंटे का समय, आधे घंटे लेट होने पर किसी भी मज़दूरों को वापस नहीं लौटाया जाए और श्रम अधिनियम के अनुसार सभी सुविधा प्रदान किया जाए।
जिस पर स्थानीय प्रबन्धन द्वारा 4 मजदूरों को वार्ता हेतु बुलाया गया। वार्ता में श्रीराम चौधरी, रामसेवक महतों, बिट्टू यादव, नाथो यादव तथा स्थानीय प्रबंधन की तरफ से विनय तिवारी, मणिकांत, प्रिंस कुमार एवं दुर्गा सहित कई अन्य अधिकारी शामिल हुए। द्विपक्षीय वार्ता में मजदूरों के सभी मांगो को मुख्यालय स्तर पर पहुंचाने तथा अगले महीने के प्रथम सप्ताह उपरान्त पुनः एक बैठक आयोजित कर सभी बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर समझौता किया जाएगा और उचित सभी मांगो पर हम स्थानीय प्रबंधन प्रमुखता से बात रखेंगें।
जिसके बाद स्थानीय प्रबंधन द्वारा सभी मजदूरों को चाय पर चर्चा कर कार्य पर वापस लौटने पर सहमत किया। जिसके बाद सभी मजदूरों को सुरक्षा की मानकों अनुसार कारखाना में प्रवेश कराया गया। मौके पर नंदलाल कुमार, राजीव राज, रीतेश कुमार, फुलेन पासवान, दीपक कुमार, सुनील कुमार, विज्ञान, बलराम, मनंजन, अमरजीत, अजय कुमार, संजय कुमार, राजाराम, रंजीत साह एवं पंकज कुमार सहित दर्जनों मज़दूर मौजूद रहे।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट