डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर प्रखंड के प्राइमरी,मिडिल व उच्च विद्यालयों में चेतना सत्र के दौरान फोकल शिक्षक ने अगलगी के कारण,उससे बचाव के उपाय और उससे होने वाले जानमाल की क्षति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने कहा कि पूजा पाठ करने में अगरबत्ती, मोमबत्ती, हवन की आग जला कर छोड़ देने, बिजली उपकरण, मोबाइल, लाइट आदि चार्ज में लगाकर छोड़ने, बीड़ी सिगरेट के टुकड़े को इधर-उधर फेंकने के कारण अगलगी होती है।

शादी विवाह में बड़े पैमाने पर पटाखा चलाने के क्रम में भी अगलगी की घटना घटित होती है।फूस के रसोई में दीवार को मिट्टी या गोबर के लेप चढ़ाने, बिजली के शार्ट सर्किट से लगी आग में पानी के स्थान पर मिट्टी बालू डालने का सुझाव दिया। बिजली के उपकरण तार स्विच होल्डर प्रमाणिक कंपनी से लगाने, जलती बीड़ी सिगरेट के टुकड़े को इधर-उधर नहीं फेंकने, गैस सिलेंडर के पाइप की जांच करने आदि की सलाह दी गई।
मौके पर प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह,रईस उद्दीन, विश्वनाथ,प्रमोद,शिक्षक अजनीश, सुमन,अनिल,प्रभात,नितेश,अमित,नुपूर,पूनम,श्वेता व बच्चे मौजूद थे।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट