अभद्रता का आरोप: जिला महासचिव ने कहा- 2021 से नहीं मिली ड्रेस की राशि, बिना ड्रेस जाने पर मिलती है चयन मुक्त करने की धमकी
डीएनबी भारत डेस्क
प्रखंड मुख्यालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय (ICDS) परिसर में शनिवार को आंगनवाड़ी सेविकाओं की एक हंगामेदार बैठक हुई। सेविका मौसम कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सेविकाओं ने स्थानीय सीडीपीओ के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की। सेविकाओं ने प्रशासन पर प्रताड़ना और तानाशाही का आरोप लगाया है।

‘बिना राशि दिए ड्रेस कोड का दबाव’
बैठक को संबोधित करते हुए जिला महासचिव संगीता झा ने कहा कि विभाग की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 के बाद से सेविकाओं को ड्रेस मद की राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके बावजूद सीडीपीओ द्वारा उन पर बिना ड्रेस के कार्यालय न आने का दबाव बनाया जाता है। संगीता झा ने कहा, “यदि कोई सेविका बिना ड्रेस के आती है, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और विरोध करने पर चयन मुक्त (नौकरी से हटाने) की धमकी दी जाती है।”
बच्चों की ड्रेस में ‘ठेकेदारी प्रथा’ का विरोध
सेविकाओं ने ‘ठेकेदारी प्रथा बंद करो’ के नारे लगाते हुए नई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
पुरानी व्यवस्था: पहले बच्चों के ड्रेस के लिए अभिभावकों के खाते में 400 रुपये भेजे जाते थे, जिससे वे अपनी पसंद के गुणवत्तापूर्ण कपड़े खरीदते थे।
नई व्यवस्था: अब विभाग द्वारा तैयार किए हुए ड्रेस दिए जा रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता बेहद खराब और घटिया है।
डर: सेविकाओं को डर है कि खराब कपड़े देने पर उन्हें अभिभावकों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा और बच्चे केंद्र आना छोड़ देंगे।
“हम किसी भी कीमत पर यह घटिया ड्रेस स्वीकार नहीं करेंगे। विभाग बच्चों के भविष्य और सेविकाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करना बंद करे।”
पक्ष: आरोपों को बताया निराधार
मामले पर जब प्रभारी सीडीपीओ अंजना कुमारी से पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देशानुसार अब जीविका द्वारा तैयार ड्रेस ही बच्चों को वितरित किए जाने हैं। उन्होंने गाली-गलौज और अभद्रता के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि सेविकाओं को केवल नियमानुसार कार्यालय में ड्रेस कोड का पालन करने की हिदायत दी जाती है।
मौके पर मौजूद रहीं: संजू कुमारी, आशा कुमारी, मीरा कुमारी, रेखा कुमारी, किरण कुमारी, कृष्णा कुमारी समेत दर्जनों सेविकाएं।
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