कवि गोष्ठी में कविता की चली बयार, होली रमजान का फुहार, उड़ाये रंग अबीर गुलाल, सबको कर दिया मालामाल
डीएनबी भारत डेस्क

खगड़िया। होली मिलन समारोह सह सांस्कृतिक कार्यक्रम सह नवोदित बाल कवि गोष्ठी सह सम्मान समारोह का आयोजन मथुरापुर के पीजी रेजिडेंशियल सैनिक स्कूल के सभागार में किया गया, जिसमें छात्र शिक्षक अभिभावक समाजसेवी ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत रामप्रवेश यादव द्वारा ओम साईं राम के मंत्र उच्चारण एवं भजन तथा गणेश वंदना से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पंच सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष किरण देव यादव, देश बचाओ अभियान के मधुबाला ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में आगत अतिथि रामप्रवेश यादव, किरण देव यादव, मधुबाला, अरुण वर्मा को पुष्पमाला एवं अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन स्कूल के एमडीपी श्रवण कुमार ने किया। कार्यक्रम में निधि नेहा पूजा निशु आदि दर्जनों छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने काफी सराहा। नन्हें मुन्ने कलाकारों ने तालियां बटोरे।कार्यक्रम में एक दूसरे से गले मिलकर रंग अबीर गुलाल लगाये एवं खुशियों का इजहार किया तथा होली रमजान की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं मुबारकबाद दिया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिए सभी प्रतिभागी को कॉपी कलम एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में अभिभावक शैलेंद्र यादव पूजा देवी निशु कुमारी बबीता देवी आदि ने भाग लिया।
कार्यक्रम समाप्ति के बाद खीर पूआ हलुवा सब्जी का महाप्रसाद व्यंजन का उपस्थित लोगों ने लुत्फ उठाया। समाजसेवी किरण देव यादव एवं श्रवण कुमार ने होली रमजान की हार्दिक बधाई शुभकामना देते हुए कहा कि होली एवं रमज़ान पर्व आपसी प्रेम भाईचारा शांति सद्भाव एकता सामाजिक सौहार्द इंद्रधनुषी तहजीब का संदेश देती है।
कवि किरण देव यादव ने “फिर से होली आई है, रमजान भी साथ में आई है, एक नया संदेशा लाई है, हिंदू मुस्लिम सिख इसाई है, आपस में सब भाई भाई है” कविता पाठ कर जहां एक ओर भाईचारा का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर श्रृंगार रस के साथ वीर रस का कविता पाठ सुनकर दर्शक श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए तथा जमकर तालियों की गड़गड़ाहट से होली गीत कविता को भरपूर दाद दिया।
कवियत्री मधुबाला ने होली का हुड़दंग, अलमस्तों के संग, दीवानों ने किया गाल लाल, खूब उड़ाया अबीर गुलाल रंग से सराबोर किया हर अंग, कविता पाठ कर दर्शक श्रोताओं को खूब झुमाया। तथा कवि सरवन कुमार ने अपने कविता के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था पर व्यंग्यात्मक चोट किया।
वहीं बहुचर्चित कलाकार तितली भारती ने अपने शोख अंदाज में नृत्य पेश कर जोगीरा सा रा रा के माध्यम से दर्शकों को नाचने को विवश कर दिया।
खगड़िया संवाददाता राजीव कुमार की रिपोर्ट