बरौनी एनटीपीसी गेट पर 7 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा, 18 लाख के मुआवजे पर बनी सहमति

DNB Bharat Desk

बरौनी एनटीपीसी गेट पर 18 लाख का मुआवजा देने के बाद ऑपरेट गौरव के शव को परिजनों द्वारा हटाया गया। लगातार 7 घंटे के वार्ता के बाद जिला प्रशासन एवं प्रबंधन की मध्यस्थता के बाद परिजन शव उठाने को तैयार हुए। वहीं तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार के नेतृत्व में मजदूरों के हित में जिला प्रशासन और एनटीपीसी द्वारा वार्ता कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे के तहत 18 लाख का अलग अलग माध्यम से सहयोग करने की बात कही गयी।

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वार्ता में एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से डीएस कुमार अर्नब मुखर्जी, जिला प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ अनिल कुमार, सदर डीएसपी टू पंकज कुमार, बीडीओ अनुरंजन कुमार, सीओ सूरज कांत, चकिया थाना अध्यक्ष राजीव कुमार सहित अन्य उपस्थित थे। वहीं स्थानीय स्तर पर बीएमएस के सुनील कुमार, सरपंच शशि भूषण सिंह, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष यशस्वी आनंद, रोहित कुमार, रणधीर कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।

बरौनी एनटीपीसी गेट पर 7 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा, 18 लाख के मुआवजे पर बनी सहमति 2विदित हो कि एनटीपीसी बरौनी अंतर्गत भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत मल्हीपुर निवासी गणेश सिंह के 28 वर्षीय पुत्र ऑपरेटर गौरव को 22 मार्च की रात में ड्यूटी के दौरान रात्रि में सर में दर्द उठा और उल्टी हुई। जिसके बाद एनटीपीसी हॉस्पिटल ले जाया गया और फिर उसके बाद फिर ग्लोकल अस्पताल रेफर किया गया। जहां भर्ती करने और और इलाज में देर होने के बाद फिर से पटना के लिए रेफर किया गया।

बरौनी एनटीपीसी गेट पर 7 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा, 18 लाख के मुआवजे पर बनी सहमति 3जहां उसकी मौत हो गई। गौरव कुमार की मौत के बाद परिजनों द्वारा एनटीपीसी गेट पर शव रखकर कर प्रदर्शन किया गया। परिजन उचित इलाज नहीं कराने और निधन के बाद पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग पर डटे रहे। जिसके बाद घटना की जानकारी मिलने पर तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार उपस्थिति में जिला प्रशासन और प्रबंधन से वार्ता की पहल शुरू की गई।

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