नई शिक्षा नीति में शिक्षकों की भूमिका पर मंथन, मौलाना मजहरूल हक कॉलेज में दो दिवसीय सेमिनार शुरू
डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर शहर के मौलाना मजहरूल हक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में शनिवार से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में शिक्षकों की भूमिका की पुनर्कल्पना: दृष्टिकोण में परिवर्तन और नीतिगत विकास, विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सेमिनार शुरू हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मो. इस्तेयाक के संबोधन से हुआ। इस मौके पर पूर्व कुलपति मो. इस्तेयाक ने कहा कि शिक्षा में ट्रेनिंग बहुत जरूरी है। बिना हम ट्रेनिंग लिए हम बच्चों को ट्रेंड नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जो पायलट न हो वह प्लेन नहीं उड़ा सकता। जो तीर चलाना नहीं जानता वह अर्जुन नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यहां की शिक्षा के 78 साल हो गए। लेकिन जो फल मिलना चाहिए था वह नहीं मिला है।
जिसका कारण है कि हम बच्चों को जो ट्रेनिंग देना चाहिए वह ट्रेनिंग नहीं दे रहे। इसिलिए शिक्षकों का ट्रेंड होना जरूरी है। तभी हम छात्रों को ट्रेंड कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षक की भूमिका को अधिक सृजनात्मक, समावेशी और बहुआयामी बनाती है। शिक्षक समाज की वैचारिक नींव रखता है, इसलिए उसका सतत् प्रशिक्षण और अकादमिक स्वतंत्रता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सेमिनार में ऐसे शिक्षकों को भी ट्रेनिंग के बारे में बताएं जो ट्रेंड नहीं है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट