बेगूसराय में धान अधिप्राप्ति के लिए ‘महायुद्ध’, 3 दिनों से धरने पर किसान, राकेश टिकैत के आने की सुगबुगाहट

DNB Bharat Desk
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अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे किसानों एवं पैक्स अध्यक्षों को संबोधित करते हुए बेगूसराय कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि डीएम बेगूसराय  किसानों की धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। हार-मांस गलाने वाली करके की ठंडक में खुले आसमान के नीचे धरना दे रहे अन्नदाताओं की सुधि लेने के बदले डीएम जिला में घूम-घूम कर अपने आमदनी वाले जगह की सिनाख्त में लगे हैं।

 आजाद भारत में लोकतंत्र के अंदर जनता के सेवकों को किसानों के साथ बेरुखी बेगूसराय के लोगों को नही है कबूल। उपाध्यक्ष कमल किशोर जी ने कहा कि दिल्ली में किसान आंदोलन के समक्ष मोदी सरकार को झुकना पड़ा था। किसानों की उपेक्षा कर बेगूसराय में प्रशासन नहीं चलाया जा सकता।

 बेगूसराय में धान अधिप्राप्ति के लिए 'महायुद्ध', 3 दिनों से धरने पर किसान, राकेश टिकैत के आने की सुगबुगाहट 2लोकप्रिय किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि डी एम श्रीकांत शास्त्री जी का कार्य व्यवहार औरंगाबाद में भी किसान विरोधी था।औरंगाबाद में डी एम रहते किसानों को बगैर मुआवजा दिए जबरन भुमि अधिग्रहण कर लहलहाते धान की फसलों को पुलिस की बदौलत ट्रैक्टर से रौंदवाने में इन्हें खुशी हुई थी। मगर उन्हें यह समझना होगा कि बेगूसराय औरंगाबाद नहीं है। 

यदि किसान विरोधी अपनी मानसिकता वे नहीं बदलेंगे तो बेगूसराय उनके सामने नतमस्तक नहीं होगा,बल्कि उनके हर दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ संघर्ष का केंद्र बनेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के सारे राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत से लेकर दर्शनपाल का बेगूसराय में आगमन होगा। 

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