डीएनबी भारत डेस्क
प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में रविवार को सवर्ण समाज के बैनर तले बिहारशरीफ शहर में शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। यह शांतिपूर्ण मार्च बिहारशरीफ़ शहर के भरावपर बड़ी दुर्गा मंदिर के समीप से निकला जो की हॉस्पिटल मोड़ होते हुए विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।

हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और यूजीसी कानून को छात्र एवं शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जातिवादी मानसिकता से प्रेरित नियम थोपकर सनातन समाज की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह कदम विशेष रूप से स्वर्ण समाज को निशाना बनाता है।
वक्ताओं ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित नियम और एससी-एसटी अध्यादेश जैसे प्रावधानों का विरोध करते हुए इसे “काला कानून” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अध्यादेश लाया गया और समाज की महिलाओं पर अत्याचार हुआ तो स्वर्ण समाज आंदोलन तेज करेगा। फिलहाल विरोध स्वरूप शांतिपूर्ण मार्च निकाला जा रहा है और शहर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
डीएनबी भारत डेस्क