गंगा है तो भारतीय जीवन और संस्कृति है- स्वामी चिदात्मन जी महाराज

DNB Bharat Desk

गंगा है तो भारतीय जीवन और संस्कृति है। गंगा हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा रही है। धर्म और संस्कृति को जीवंत रखने के लिए गंगा को स्वच्छ रखना जरूरी है। इसलिए सर्वप्रथम गंगा स्वच्छता, वृक्षारोपण, पर्यावरण सुरक्षा, राष्ट्रहित, धर्म, संस्कृति, संस्कार को ध्यान में रखकर हमें अतीत गौरव को प्राप्त करना है।

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उक्त बातें गुरुवार को नववर्ष 2026 के अवसर पर सर्वमंगला अध्यात्म योग विद्यापीठ सिमरिया धाम में आंग्ल नव वर्ष के पुनीत अवसर पर स्वामी चिदात्मन महाराज की उपस्थित में श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ करने का संकल्प दिलाते हुए कहा। उन्होंने कहा कि गंगा को निर्मल एवं अविरल प्रवाह, राष्ट्र में एकता एवं अखंडता के प्रतीक शास्त्रीय द्वादश कुंभ स्थली की पुनः प्रतिष्ठा को अनवरत प्रचारित एवं प्रसारित करना ही वर्ष 2026 का संकल्प होगा।

गंगा है तो भारतीय जीवन और संस्कृति है- स्वामी चिदात्मन जी महाराज 2कहा कि हमें क्षेत्रवाद, सम्प्रदाय वाद से उपर उठकर सनातन धर्म को आगे बढ़ाना है। इस शुभ अवसर पर सर्वमंगला परिवार के स्वामी सत्यानन्द महाराज द्वारा उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को दैनंदिनी डायरी का वितरण किया गया।

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मौके पर सर्वमंगला के व्यवस्थापक रविंद्र ब्रह्मचारी, मीडिया प्रभारी नीलमणि, अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, डॉ विजय कुमार झा, सचिव सुधीर चौधरी, प्रो अवधेश कुमार झा, प्रो पी के झा प्रेम, सत्यानंद, प्रो विजय झा, राजेश्वरानंद, नवीन प्रसाद सिंह, निपेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, श्याम झा, सनातन, राम झा, लक्ष्मण झा सहित अन्य उपस्थित थे।

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