समस्तीपुर में पीके का तंज, ‘जिला से 3 मंत्री फिर भी हर गांव की जनता त्रस्त’

DNB Bharat Desk

 

डीएनबी भारत डेस्क 

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर जिले से निर्वाचित हुए दोनों राज्य सरकार के मंत्रियों व एक केंद्रीय मंत्री पर को जिम्मेदार बताया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी और भूमि सुधार एवं कृषि मंत्री आलोक कुमार मेहता पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि समस्तीपुर की स्थिति देख लीजिए, जिले से तीन मंत्री हैं। यहां ऐसी दशा है कि कोई गांव ऐसा नहीं है जहां की जनता त्रस्त न हो। पानी के लिए, रोड के लिए रोजगार के लिए अस्पताल के लिए जनता परेशान है। कम से कम मैं 12-13 दिनों से समस्तीपुर में पैदल चल रहा हूं।

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धमौन के लोग तय करते हैं विधायक कौन बनेगा
सरायरंजन में पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि यहां धमौन एक बड़ा गांव है, वहां 50 हजार की आबादी है, वहां के लोगों ने हमें बताया कि हम ही लोग तय करते हैं कि यहां विधायक कौन बनेगा। क्योंकि हमारे गांव के 50 हजार वोटर हैं। उसी गांव के लोग ये भी बता रहे हैं कि यहां पर करीब 30 सालों से लोग अस्पताल की मांग कर रहे हैं, बावजूद इसके वहां एक छोटा अस्पताल भी नहीं है। आप ही समझिए कि जिस गांव में 50 हजार वोटर हैं, फिर भी वहां अस्पताल नहीं बन रहा है तो आप समझिए वहां के लोग बीजेपी, धर्म, भारत-पाकिस्तान के नाम पर वोट दे रहे हैं, तो लोगों की परेशानी कैसे दूर होगी?

मेरे पास योजना नहीं है, बल्कि मैं ये बता रहा हूं कि आप अपने वोट की ताकत समझिए, उसकी शक्ति समझिए और कीमत समझिए। लालू यादव का चेहरा देखकर, नरेंद्र मोदी का चेहरा देखकर वोट कीजिएगा तो बिहार नहीं सुधरेगा।

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