डीएनबी भारत डेस्क
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल(सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन नालंदा विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (आईएएसएसआई) के चार दिवसीय 25वें वार्षिक सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लिया।इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि सामाजिक विज्ञान अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य लोगों की समस्याओं को समझना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।

उन्होंने बिहार में बाढ़, पलायन, आजीविका और क्षेत्रीय विकास जैसी चुनौतियों के समाधान में स्थानीय ज्ञान और सामुदायिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही विश्वविद्यालयों में शोध क्षमता बढ़ाने और शोध निष्कर्षों को हिंदी सहित अन्य भाषाओं में आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी और प्रो. अलख एन. शर्मा सहित देशभर के विद्वानों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में समावेशी विकास, सार्वजनिक नीति, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा हुई।
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