देश को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 07 नवंबर 1975 को एनटीपीसी लिमिटेड की स्थापना की गई थी – जयदीप घोष

DNB Bharat Desk

एनटीपीसी बरौनी ने टाउनशिप प्रांगण में सोमवार को 77वाँ गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह, गौरव एवं देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख जयदीप घोष ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत सभी उपस्थितों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया।

- Sponsored Ads-

ध्वजारोहण के पश्चात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) द्वारा प्रस्तुत सलामी टुकड़ी का निरीक्षण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। अपने संबोधन में श्री घोष ने सभी कर्मचारियों, उनके परिवारजनों एवं उपस्थित अतिथियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा भारत के संविधान निर्माण में योगदान देने वाले महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने एक गणतंत्र के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की और यह दिवस केवल एक पर्व नहीं बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपरा, समानता और संप्रभुता का प्रतीक है।

देश को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 07 नवंबर 1975 को एनटीपीसी लिमिटेड की स्थापना की गई थी - जयदीप घोष 2उन्होंने राष्ट्र निर्माण में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 07 नवंबर 1975 को एनटीपीसी लिमिटेड की स्थापना की गई थी। शून्य से शुरू हुई यह यात्रा आज गौरवपूर्ण मुकाम तक पहुंची है और वर्तमान में एनटीपीसी की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 87 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी ने वर्ष 2032 तक 150 गीगावॉट स्थापित क्षमता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 गीगावॉट हरित ऊर्जा से प्राप्त किया जाएगा।

देश को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 07 नवंबर 1975 को एनटीपीसी लिमिटेड की स्थापना की गई थी - जयदीप घोष 3इस अवसर पर बाल भवन के बच्चों द्वारा लघु सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को एचओपी मेरिटोरियस पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतीकात्मक अवसर को चिह्नित करने के लिए गुब्बारे भी छोड़े गए। देशभक्ति नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।

Share This Article