डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर पुलिस ने जिले में लूट की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए पांच वांछित एवं पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो देसी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस, चार मोबाइल और 32,400 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान चार अन्य संदिग्ध झाड़ियों और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी समस्तीपुर और वैशाली जिले में लूट की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सभी को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुधपुरा जेल के पीछे से पकड़ा गया।पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 24 अक्टूबर को तकनीकी और मानवीय सूचना मिली थी कि दुधपुरा जेल के पीछे कुछ पेशेवर अपराधी अवैध हथियारों के साथ जुटे हैं।सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।

मुफस्सिल थानाध्यक्ष, जिला आसूचना इकाई (DIU) और बिहार STF की टीम ने संयुक्त रूप से बताए गए स्थान की घेराबंदी की।कार्रवाई के दौरान पांच लोगों को दबोच लिया गया, जबकि चार भागने में सफल रहे।पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने लूट की योजना बनाने के लिए एकत्रित होने की बात स्वीकार की है। इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी सीमावर्ती थानों से भी जुटाई जा रही है। साथ ही फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अनुसंधान जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर,चंदन कुमार उर्फ दीपक, मो. रहमतुल्ला उर्फ साहेब, वैशाली जिले के मो. तालिब और राहुल कुमार के रूप में की है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर के खिलाफ समस्तीपुर और वैशाली के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और UAPA समेत सात मामले दर्ज हैं। वहीं, चंदन कुमार उर्फ दीपक के खिलाफ दलसिंहसराय, उजियारपुर, सरायरंजन और विभूतिपुर थानों में लूट सहित नौ मामले दर्ज हैं।इसके अलावा रहमतुल्ला के खिलाफ आर्म्स एक्ट, तालिब के खिलाफ NDPS एक्ट और राहुल कुमार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में पूर्व से मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट
