डीएनबी भारत डेस्क
सहरसा के सदर अस्पताल में मिड-डे मील खाने से बीमार हुए बच्चों की खबर कवरेज करने पहुंचे पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने जैसे गंभीर मामले की रिपोर्टिंग करना पत्रकार का लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायित्व है। ऐसे समय में पत्रकार के साथ मारपीट या उन्हें डराने-धमकाने का आरोप और भी गंभीर हो जाता है।
वहीं राजद अल्पसंख्यक के जिला अध्यक्ष फैयाज़ अहमद ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और पत्रकार पर मार पिट गाली गलौज की सत्यता सामने लाई जाए।दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पत्रकारों को डराकर या दबाव में रखकर लोकतंत्र की आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
सहरसा में मिड-डे मील से बच्चों के बीमार होने की घटना की भी पूरी जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में सरकारी स्कूलों में बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की लापरवाही न हो और किसी भी पत्रकार के साथ भविष्य मे ऐसी घटना न हो।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट