डिजिटल इंडिया: “डिजिटल उपस्थिति और AI ऑडिट: ‘जी राम जी’ योजना से ग्रामीण विकास में आएगी पारदर्शिता, बोले डीएम।”
डीएनबी भारत डेस्क

बेगूसराय में आज मनरेगा को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। जिलाधिकारी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि अब मनरेगा को नए नाम से जाना जाएगा। मनरेगा का नाम बदलकर अब “जी राम जी” कर दिया गया है। साथ ही नई योजना की पूरी रूपरेखा भी सामने रखी गई।
बेगूसराय समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम पूर्ववर्ती मनरेगा योजना के स्थान पर लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस नई योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की कानूनी गारंटी दी जाएगी।
इससे ग्रामीण आय सुरक्षा मजबूत होगी और पलायन में भी कमी आएगी। खेती के व्यस्त मौसम को ध्यान में रखते हुए वर्ष में अधिकतम 60 दिनों तक कार्य-विराम का प्रावधान रखा गया है। योजना में डिजिटल पारदर्शिता को विशेष महत्व दिया गया है।बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी और एआई ऑडिट के जरिए कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा।
तय समय पर काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा।योजना के वित्तीय प्रावधान को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच खर्च का अनुपात 60:40 रहेगा, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह 90:10 निर्धारित है।
अधिनियम के तहत व्यक्तिगत और सार्वजनिक—दोनों प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। व्यक्तिगत कार्यों में पौधरोपण, वर्मी कम्पोस्ट, बायोगैस संयंत्र, पशुपालन शेड और निजी तालाब शामिल हैं। वहीं सार्वजनिक कार्यों में चेक डैम, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र, जल निकासी योजना और ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
बेगूसराय जिले में सभी नई योजनाओं की प्रविष्टि युक्त धारा और नरेगा सॉफ्ट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही संचालित योजनाओं को 60 दिनों के भीतर पूरा करने और उन्हें विकसित ग्राम पंचायत प्लान तथा पीएम गति-शक्ति पहल से जोड़ने की बात कही गई है।जिलाधिकारी ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025, विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्थायी परिसंपत्तियों और समग्र विकास को नई रफ्तार देगा।
डीएनबी भारत डेस्क