राजकीय डिग्री महाविद्यालय, वीरपुर में विश्व हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित

DNB Bharat Desk

वीरपुर: राजकीय डिग्री महाविद्यालय, वीरपुर में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय “भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी का योगदान” रहा।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने कहा, “हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की संवाहक है। 10वीं सदी से प्रारंभ होकर भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए हिंदी ने भारत की राजभाषा बनने तक का गौरवशाली सफर तय किया है। आज दुनिया भर में 120 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोलते हैं। मातृभाषा होने के कारण यह हमारी शिक्षण पद्धति में सर्वाधिक सहज और ग्राह्य है।”

राजकीय डिग्री महाविद्यालय, वीरपुर में विश्व हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित 2अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक रवीश रत्नेश ने भाषाई समन्वय पर बल देते हुए कहा कि मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं का ज्ञान भी आवश्यक है, ताकि हम एक सजग विश्व नागरिक बन सकें। अर्थशास्त्र की प्राध्यापिका स्नेहा ने भविष्य में ‘हिंदी पखवाड़ा’ आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति निरंतर जागरूकता और गौरव का भाव बढ़े।

अंग्रेजी विभाग के शिक्षक नाकछेदी राम ने हिंदी दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। वहीं राजनीति विज्ञान की प्राध्यापिका अनामिका सिंह ने दैनिक जीवन, कार्यालयी कामकाज तथा उच्च शिक्षा में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया।

राजकीय डिग्री महाविद्यालय, वीरपुर में विश्व हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित 3इस अवसर पर इतिहास विभाग के शिक्षक शाहजहां खान, राजनीति विज्ञान की अंजलि कृष्णन, समाजशास्त्र की सृष्टि अग्रवाल, अर्थशास्त्र के शमशाद आलम, प्रधान सहायक रवि रंजन व मंटून सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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