नालंदा: गंगा के उफान से नालंदा के टाल क्षेत्र बना टापू, सरमेरा टाल में 300 बीघा फसल जलमग्न, सरमेरा प्रखंड के कई गांवों के खेतों में 8-10 फीट पानी

DNB Bharat Desk

नालंदा की स्थानीय नदियां भले ही शांत हो गई हों, लेकिन गंगा के भारी उफान ने जिले की पूर्वी सीमा पर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरमेरा प्रखंड के टाल इलाके में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। पेंदी, दलहजीत, पुरानी इसुआ और सदहा समेत कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। करीब 300 बीघे में लगी धान और मक्के की फसल पूरी तरह डूब चुकी है।सैकड़ो ग्रामीणों के ऊपर बाढ़ और जलकैदी बनने का खतरा मंडरा रहा है।

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पानी बढ़ने से पेंदी गांव के कई घर चारों तरफ से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं। टाल किनारे बने मकानों पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।किसानों ने फसल क्षति का आकलन कर मुआवजे की मांग की है। वहीं नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने पेंदी, सदहा और खोजकीपुर गांव का निरीक्षण कर अधिकारियों को तटबंध की मजबूती और बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।

नालंदा: गंगा के उफान से नालंदा के टाल क्षेत्र बना टापू, सरमेरा टाल में 300 बीघा फसल जलमग्न, सरमेरा प्रखंड के कई गांवों के खेतों में 8-10 फीट पानी 2ग्रामीणों से मुलाकात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इसका स्थाई समाधान के लिए उनके तरफ से हर पहल की जाएगी क्योंकि हर साल बाढ़ जैसी त्रासदी का दंश ग्रामीणों को झेलना पड़ता है।निरीक्षण के दौरान सीओ अनिमका सिंह, बाढ़ नियंत्रण एसडीओ कमलेश सिंह और जेडीयू प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना कुमार मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। साथ ही अन्य जनप्रतिनिधियों के इलाके में नहीं पहुंचने को लेकर नाराजगी भी जताई है।

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