डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर(बेगूसराय):जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिला प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने बुधवार को भगवानपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बाढ़ की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 41.76 मीटर को पार कर 43.28 मीटर पहुंच गया है। हालांकि यह जिले के अब तक के उच्चतम जलस्तर 43.52 मीटर से नीचे है। जिले के 8 प्रखंडों की 39 पंचायतों के 189 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कुल 95,245 परिवार और करीब 3,80,980 लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
आवाजाही के लिए 269 नावें संचालित की जा रही हैं, जिनमें 23 सरकारी और 246 निजी नाव शामिल हैं। बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो में SDRF तथा बलिया में NDRF की टीम तैनात है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
बाढ़ प्रभावितों के लिए 180 सामुदायिक रसोई चल रही हैं, जहां अब तक 4,01,467 थालियों में भोजन कराया गया है। बेघर परिवारों को 25,357 पॉलीथीन शीट दी गई हैं। 45 अस्थाई शौचालय और 31 नए चापाकल लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के 57 मेडिकल कैंप और एक बोट एम्बुलेंस के माध्यम से अब तक 14,545 लोगों का इलाज किया गया है। पशु चिकित्सा कैंपों में 4,236 पशुओं का उपचार हुआ है।
वहीं, 27,034 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इनमें 19,504 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान का आकलन किया गया है।
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकारी खजाने पर सबसे पहला हक बाढ़ पीड़ितों का है और राहत कार्य के लिए खजाने में कोई कमी नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई प्रशासनिक कर्मी राहत कार्य में लापरवाही या अनियमितता करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने में जुटा है
मौके पर बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता, भाजपा नेता अमलेश कुमार चुन्नू, जिला अध्यक्ष राजीव वर्मा, महेंद्र महतो , विश्वजीत कुमार टोनी सहित, विनय चौधरी, दीपक चौधरी, रौशन कुमार सहित अन्य लोग मौजूद।