डीएनबी भारत डेस्क
सावन के पवित्र महीने में राजगीर घूमने पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मंगलवार की शाम उस वक्त कुछ देर के लिए सांसें थम गईं, जब खराब मौसम और तेज बिजली कड़कने के कारण राजगीर रोपवे अचानक बंद हो गया।

कई केबिन हवा में रुक गए और उनमें सवार श्रद्धालु फंस गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि मौके पर तैनात रेस्क्यू टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तकनीकी खराबी दूर होने के बाद रोपवे का संचालन भी फिर से शुरू कर दिया गया।
रोपवे मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रोपवे परिसर में पूरी व्यवस्था मौजूद रहती है। यदि किसी कारणवश कोई पर्यटक केबिन में फंस जाता है तो प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम तत्काल रेस्क्यू इंजन के सहारे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालती है। मंगलवार को भी करीब एक घंटे के सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तकनीकी खराबी दूर कर रोपवे का संचालन सामान्य कर दिया गया।
टेक्नीशियन चंद्रकांत चक्रवर्ती ने बताया कि आपदा के दौरान रोपवे बंद होने की स्थिति में सुरक्षा कारणों से केबिन का दरवाजा स्वतः नहीं खुलता। ऐसे में रेस्क्यू टीम विशेष तकनीक से दरवाजा खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालती है। सावन के महीने में राजगीर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई है। देवघर और बासुकीनाथ से लौटने वाले कांवरिये बड़ी संख्या में राजगीर पहुंचकर रोपवे, गर्म कुंड, नेचर सफारी और जू सफारी का आनंद लेते हैं।
इन दिनों उमस भरी गर्मी के बावजूद प्रतिदिन करीब ढाई हजार श्रद्धालु और पर्यटक रोपवे की सवारी कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और रोपवे प्रबंधन पूरी तरह सतर्क रहने का दावा कर रहा है।
डीएनबी भारत डेस्क