डीएनबी भारत डेस्क
तेघड़ा, बेगूसराय। तेघड़ा गौशाला समिति के अध्यक्ष सह तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी श्री राकेश कुमार के स्थानांतरण के उपलक्ष्य में गौशाला परिसर में एक भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर गौशाला समिति की ओर से उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं गोवंश का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित समिति के पदाधिकारियों,गणमान्य नागरिकों ने उनके कार्यकाल को तेघड़ा गौशाला के विकास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए उनके योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की।

वक्ताओं ने कहा कि श्री राकेश कुमार केवल एक कुशल एवं संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि गौसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने गौशाला के समग्र विकास को प्राथमिकता दी तथा गौवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं बेहतर प्रबंधन के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए।
समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके कार्यभार ग्रहण करने के समय गौशाला की सबसे बड़ी समस्या चारदीवारी का अभाव था। सुरक्षा के अभाव में गौशाला की भूमि पर लगातार अतिक्रमण का खतरा बना रहता था। श्री राकेश कुमार की पहल, दूरदर्शिता एवं प्रशासनिक सक्रियता के परिणामस्वरूप गौशाला की चारदीवारी का निर्माण कराया गया, जिससे गौशाला की सुरक्षा सुनिश्चित हुई तथा इसके व्यवस्थित विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ।
इसके साथ ही उन्होंने गौशाला की भूमि पर वर्षों से किए गए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई प्रारंभ कराई। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को गति दी गई, जिससे गौशाला की बहुमूल्य भूमि को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए गौशाला की संपत्ति के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि श्री राकेश कुमार के कार्यकाल में गौशाला का आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ, स्वच्छता एवं रखरखाव की व्यवस्था बेहतर हुई तथा गौवंश की देखभाल को नई दिशा मिली। उन्होंने सदैव यह सुनिश्चित किया कि गौशाला केवल एक संस्थान न रहकर सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का केंद्र बने। उनके कार्यकाल में गौशाला पहले की अपेक्षा अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं विकसित हुई।
सम्मान ग्रहण करने के उपरांत श्री राकेश कुमार ने कहा, “गौसेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक है। तेघड़ा गौशाला समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही। प्रशासनिक दायित्वों के साथ मैंने हमेशा प्रयास किया कि गौशाला की प्रत्येक समस्या का स्थायी समाधान हो और गौवंश के संरक्षण के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएँ। चारदीवारी का निर्माण तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गौशाला के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुझे विश्वास है कि समिति के सभी सदस्य और स्थानीय नागरिक आगे भी इसी समर्पण के साथ गौशाला के विकास में अपना योगदान देते रहेंगे। तेघड़ा की जनता से जो स्नेह, सम्मान और सहयोग मुझे मिला है, उसे मैं जीवनभर नहीं भूल पाऊँगा।
समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने भावुक होकर कहा कि श्री राकेश कुमार का तेघड़ा गौशाला से केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्ता बन गया था। गौवंश के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सरलता, विनम्रता और सेवा-भाव ने उन्हें सभी के बीच विशेष स्थान दिलाया। उन्होंने कभी पद का अहंकार नहीं किया और सदैव समिति के सदस्यों तथा आम नागरिकों के साथ सहजता से संवाद स्थापित किया।
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