डीएनबी भारत डेस्क
तेघड़ा, बेगूसराय। पिछले लगभग तीन वर्षों तक तेघड़ा अनुमंडल की सेवा करने वाले अनुमंडल पदाधिकारी श्री राकेश कुमार को शुक्रवार को प्रखंड के अटल कलाम भवन, तेघड़ा में भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में ऐसा भावुक वातावरण बना कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों की आंखें नम हो गईं। उपस्थित लोगों ने कहा कि तेघड़ा ने एक ऐसे प्रशासनिक अधिकारी को विदा किया है, जिन्होंने अपने सरल स्वभाव, ईमानदार कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण से हर वर्ग के लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।

विदाई समारोह में स्थानीय विधायक रजनीश कुमार, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, प्रखंड प्रमुख, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर श्री राकेश कुमार के कार्यों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि श्री राकेश कुमार के कार्यकाल में तेघड़ा अनुमंडल ने विकास की नई गति प्राप्त की। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया। जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन, पारदर्शी प्रशासन, कानून-व्यवस्था की बेहतर निगरानी तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति उनकी संवेदनशीलता ने उन्हें एक लोकप्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित किया।
वक्ताओं ने कहा कि श्री राकेश कुमार की सबसे बड़ी विशेषता उनका विनम्र एवं सहज व्यवहार था। वे बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति से आत्मीयता के साथ मिलते थे। उनके व्यक्तित्व में कभी पद का अहंकार नहीं दिखा। कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनना, समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहना तथा प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत संबंध स्थापित करना उनकी कार्यशैली की पहचान रही।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण रहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों तक सभी ने उनके कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
समारोह के दौरान कई वक्ताओं ने भावुक होकर कहा कि समय के साथ श्री राकेश कुमार का तेघड़ा से केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्ता बन गया था। तेघड़ा की जनता और यहां के लोगों के प्रति उनका अपनापन हमेशा दिखाई देता था। स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन उनका जाना तेघड़ा के लिए एक अपूरणीय क्षति जैसा महसूस हो रहा है।
अपने संबोधन में श्री राकेश कुमार ने तेघड़ा की जनता, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यहां हमेशा परिवार जैसा स्नेह और सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि तेघड़ा की यादें उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेंगी और यहां के लोगों का स्नेह वे कभी नहीं भूल पाएंगे।
समारोह के अंत में जब उन्हें विदाई दी गई तो पूरा वातावरण भावनाओं से भर उठा। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें विदा किया। अनेक लोगों की आंखें नम थीं। यह विदाई केवल एक अधिकारी की नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील, कर्मठ और जनप्रिय प्रशासक की थी, जिसने अपने व्यवहार, ईमानदारी और जनसेवा से तेघड़ा की जनता के दिलों में स्थायी स्थान बना लिया।
डीएनबी भारत डेस्क