बिहार की बेटी गोल्डी ने किया कमाल, थाईलैंड में आयोजित विश्व एबिलिटी पारा यूथ गेम्स में जीता तीन मेडल

DNB Bharat Desk

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मन में अगर दृढ़ इच्छा हो तो सफलता कदम चूमती है। इस वाक्या को एक छोटे से गांव में रहने वाली गोल्डी कुमारी ने चरितार्थ किया है। दरअसल नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड में गोल्डी कुमारी ने शिक्षा हासिल की  वर्तमान में वह अपने परिजनों के साथ हरनौत में ही रह रही है। हरनौत स्टेडियम में ही गोल्डी कुमारी रोजाना अभ्यास भी करती है। छोटे से ग्राउंड से आज वह इंटरनेशनल तक पहुंची है।

बिहार की बेटी गोल्डी ने किया कमाल, थाईलैंड में आयोजित विश्व एबिलिटी पारा यूथ गेम्स में जीता तीन मेडल 2गोल्डी कुमारी का पैतृक गांव बख्तियारपुर प्रखंड के मिसी है। एक हादसे में गोल्डी कुमारी अपना एक हाथ गंवाने के बावजूद वह कभी हिम्मत नहीं हारी। गोल्डी कुमारी लड़कियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी है। एक दिसंबर से 7 दिसंबर के बीच थाईलैंड में आयोजित विश्व एबिलिटी पारा यूथ गेम में वह शॉर्ट पुट में एक स्वर्ण पदक, भाला फेंक में एक कांस्य और डिस्कस थ्रो में एक कांस्य पदक जीतकर बिहार का नाम रौशन किया। उनकी इस सफलता से पूरे गांव में जश्न का माहौल है।

बिहार की बेटी गोल्डी ने किया कमाल, थाईलैंड में आयोजित विश्व एबिलिटी पारा यूथ गेम्स में जीता तीन मेडल 3गोल्डी कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और अपने कोच को दिया है। गोल्डी कुमारी की इस सफलता से आगामी 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के हाथों प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार सम्मान दिया जाएगा। गोल्डी कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की देन है कि आज बिहार की बेटियां हर प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेटियों को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की है।

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