डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा एवं रेल संपत्ति की रक्षा को लेकर रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी खतरनाक घटनाओं को रोकना तथा लोगों को इसके गंभीर परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था। यह अभियान RPF प्रभारी अविनाश कोरसिया के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें पी. के. चौधरी एवं श्याम सुंदर सिंह सहित रेल सुरक्षा कर्मियों ने भाग लिया।

अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना केवल शरारत नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है। तेज रफ्तार से चल रही ट्रेन पर फेंका गया पत्थर अत्यधिक वेग से टकराता है, जिससे यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है, उनकी आंखों की रोशनी तक जा सकती है और कई मामलों में जान का भी खतरा उत्पन्न हो जाता है। सुरक्षा कर्मियों ने यह भी समझाया कि यदि पत्थर ट्रेन से टकराकर वापस उछलता है, तो पत्थर फेंकने वाला व्यक्ति या उसके आसपास मौजूद लोग भी घायल हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में अधिकांश ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे एवं निगरानी प्रणाली लगी हुई है। ऐसे में पत्थरबाजी करने वाले लोगों की पहचान आसानी से कर ली जाती है। रेलवे अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराओं तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, यात्रियों की जान जोखिम में डालने और ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है, जिसमें जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।
इसके साथ ही लोगों को चलती ट्रेन के दरवाजे पर बैठकर या खड़े होकर यात्रा नहीं करने, किसी भी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार नहीं करने तथा रेलवे फाटक बंद होने पर उसे पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई। रेल सुरक्षा बल ने सभी नागरिकों से सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत RPF या रेलवे हेल्पलाइन को देने की अपील की।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट