डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। जिस मैजिक गाड़ी में महज 9 से 10 लोगों के बैठने की क्षमता है, उस पर करीब 50 लोग सवार होकर हरनौत से बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल पहुंच गए। हैरत की बात यह है कि आधे लोग गाड़ी के अंदर बैठे थे तो आधे छत पर सफर कर रहे थे।

यह नजारा किसी फिल्मी स्टंट से कम नहीं था।दरअसल, गाड़ी पर सवार सभी लोग हरनौत नगर पंचायत के सफाईकर्मी बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके एक सहयोगी के साथ मारपीट हुई थी, जिसका इलाज बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में चल रहा है। घायल साथी का हालचाल जानने के लिए दर्जनों सफाईकर्मी एक साथ अस्पताल पहुंच गए।लेकिन अस्पताल पहुंचने का तरीका चर्चा का विषय बन गया।
करीब 25 लोग गाड़ी के अंदर और 25 लोग छत पर बैठकर बीस किलोमीटर का सफर तय करते हुए बिहारशरीफ पहुंच गए। सड़क पर चल रहे लोग भी इस नजारे को देखकर हैरान रह गए।मैजिक चालक ने भी माना कि उसकी गाड़ी पर 40 से 50 लोग सवार थे। चालक के मुताबिक यह गाड़ी हरनौत से गोनावा रोड तक भाड़े पर चलती है।

हालांकि इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को बैठाकर सफर कराना नियमों के खिलाफ है और किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।साथी के प्रति हमदर्दी तो अच्छी बात है, लेकिन 9 सीट की गाड़ी में 50 लोगों का सफर न सिर्फ ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि जान जोखिम में डालने जैसा भी है। गनीमत रही कि यह सफर सुरक्षित रहा, वरना एक छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती थी।
डीएनबी भारत डेस्क