डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर: मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल और दिल्ली के एक रेस्ट हाउस में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है I जिले में अस्पतालों और होटलों के सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है ।

इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया I प्रेस को संबोधित करते हुए एडीएम ब्रजेश कुमार ने बताया कि जिन अस्पतालों और होटलों का फायर ऑडिट हो चुका है तथा उनमें कमियां पाई गई हैं, उनके विरुद्ध 48 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसे संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। जिन मामलों में अनुपालन की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, वहां विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि जिन अस्पतालों और होटलों का अब तक फायर ऑडिट नहीं हुआ है, उन्हें सात दिनों के भीतर अग्नि ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसकी रिपोर्ट जारी कर 15 दिनों के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। वही इस संबंध में जिला अग्निशमन पदाधिकारी हर्षवर्धन ने बताया कि चार मंजिल या उससे अधिक ऊंचाई वाले भवनों, होटल, लॉज और बैंक्वेट हॉल के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है। इसके बावजूद कई होटल सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं कर रहे हैं।
हाल के निरीक्षणों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्रों का अभाव, इमरजेंसी एग्जिट की कमी, फायर अलार्म सिस्टम का निष्क्रिय होना तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं दिया जाना जैसी कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को दूर नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के अनुसार समस्तीपुर शहर के 28 रजिस्टर्ड होटलों में से मात्र 6 होटलों के पास ही वैध फायर एनओसी है, जबकि 22 होटल या तो बिना एनओसी संचालित हो रहे हैं अथवा उनका नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
जबकी एक आंकड़ों के अनुसार जिले भर में सैकड़ों होटल संचालित है, जिसका आंकड़ा अग्निशमन विभाग के पास नहीं है। दूसरी ओर जिले के 153 रजिस्टर्ड अस्पतालों में से 145 के पास फायर एनओसी उपलब्ध है। हाल की घटनाओं के बाद जिले में अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है I सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विभाग की सख्ती दिख रही है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट