डीएनबी भारत डेस्क
भारत की जनगणना–2027 को त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से तेघड़ा प्रखंड प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में आज प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज जनगणना अधिकारी, तेघड़ा द्वारा सभी प्रतिनियुक्त फील्ड ऑफिसरों के साथ एक विशेष समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्यों की जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत बनाना था। प्रशासन द्वारा पर्यवेक्षकों के कार्यों के अनुश्रवण एवं क्षेत्रीय सत्यापन हेतु विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को फील्ड ऑफिसर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि जनगणना कार्य की वास्तविक स्थिति का लगातार आकलन किया जा सके।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, तेघड़ा ने बैठक में कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं की आधारशिला है। यदि आंकड़े सही होंगे, तभी सरकार की योजनाएं सही लोगों तक पहुंच पाएंगी। इसी उद्देश्य से अब प्रशासनिक स्तर पर मॉनिटरिंग को और अधिक सशक्त किया गया है।
बैठक में फील्ड ऑफिसरों को निर्देशित किया गया कि वे अपने आवंटित राजस्व ग्रामों का नियमित भ्रमण करें, पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों के कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी परिवार, घर अथवा व्यक्ति जनगणना से वंचित न रह जाए।साथ ही यह भी कहा गया कि क्षेत्र में यदि कहीं त्रुटिपूर्ण कार्य, गलत अंकन, लापरवाही अथवा धीमी प्रगति पाई जाती है तो उसकी सूचना तत्काल karyal को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने भी जनगणना कार्य को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा कि प्रशासनिक टीम अब सीधे गांव स्तर तक पहुंचकर कार्यों की निगरानी करेगी। इससे जनगणना कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा फील्ड स्तर पर जवाबदेही भी तय होगी।प्रखंड प्रशासन की इस पहल को जनगणना कार्य में “डबल मॉनिटरिंग सिस्टम” के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब प्रगणक, पर्यवेक्षक और फील्ड ऑफिसर तीन स्तर पर कार्यों की समीक्षा करेंगे।
डीएनबी भारत डेस्क