‘स्टोरीयात्रा’ से मध्य विद्यालय बीहट में जागृत हुई वैश्विक दृष्टि, बच्चों के सपनों को मिला नया आयाम
डीएनबी भारत डेस्क
सोमवार को मध्य विद्यालय, बीहट के प्रांगण में आयोजित मॉर्निंग असेंबली एक शानदार शैक्षिक क्षणों की साक्षी बनी, जब नीति आयोग भारत सरकार के रीजनल मेंटर एवं प्रख्यात स्टोरी टेलर डॉ आयुष केशरी, अपनी चौथे चरण की ‘स्टोरीयात्रा’ के तीसरे पड़ाव पर मध्य विद्यालय बीहट में तकरीबन 610 छात्र-छात्राओं के भीतर नई शैक्षिक चेतना और वैश्विक दृष्टिकोण का संचार किया। कार्यक्रम के आरम्भ में विद्यालय के प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर विचार, साहस और सृजन की क्षमता का विकास करना है।

‘स्टोरीयात्रा’ जैसी पहलें इसी उद्देश्य को जीवंत रूप देती हैं।” अपने अत्यंत प्रभावपूर्ण संवाद में डॉ आयुष केशरी ने शिक्षा के पारंपरिक, परीक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण को चुनौती देते हुए बच्चों को समस्या-समाधान आधारित सोच तथा नवाचार और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया। उन्होंने वर्तमान समय में उद्यमिता की मिसाल बने शख्सियतों के उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि असाधारण उपलब्धियाँ किसी विशेष संसाधन की मोहताज नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, जिज्ञासा और निरंतर प्रयास का परिणाम होती हैं।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा—
“बिहार की मिट्टी में अपार संभावनाएँ हैं; आवश्यकता केवल उन प्रेरक उदाहरणों की कहानियों को जानने की है, जो बच्चों के भीतर यह विश्वास जगा सके कि वे भी अपने गाँव से वैश्विक सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं। ‘स्टोरीयात्रा’ इसी विश्वास की पुनर्स्थापना का अभियान है।”
कार्यक्रम का संचालन सभी हाउस लीडर्स एवं हाउसमास्टर, वरिष्ठ स्नातक शिक्षिका अनुपमा सिंह द्वारा अत्यंत प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर शिक्षक पूनम कुमारी, सीमा कुमारी तथा प्रशिक्षु आरती कुमारी, अभिनम कुमार आदि की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक सशक्त बनाया। सत्र का प्रभाव छात्रों की अभिव्यक्ति में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। पारंपरिक ‘नौकरी’ की अवधारणा से आगे बढ़ते हुए विद्यार्थियों ने ‘एग्रो-टेक स्टार्टअप’, ‘एजुकेशन टेक्नोलॉजी’ तथा स्थानीय संसाधनों को वैश्विक बाजार से जोड़ने जैसे नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि विद्यार्थियों में ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनने के प्रति झुकाव बढ़ रहा है।
विद्यालय परिवार ने यंग फाउंडर्स स्कूल एवं ह्यूमन लाइब्रेरी कैफे के इस संयुक्त प्रयास की प्रशंसा की।मध्य विद्यालय, बीहट के लिए यह कार्यक्रम एक ऐसे प्रेरक अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जिसमें बच्चों के दृष्टिकोण को व्यापक विस्तार मिला तथा उन्हें अपने सपनों को साकार करने हेतु आत्मविश्वास, दिशा और साहस की अनुभूति भी हुई ।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट